जाम में थमी एंबुलेंस, बिगड़ती हालत देख मरीज को गोद में अस्पताल ले गए परिजन

बिहार के समस्तीपुर शहर में ओवरब्रिज मरम्मत कार्य शुरू होते ही लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मरम्मत के पहले ही दिन शहर के कई हिस्सों में लंबा ट्रैफिक जाम लग गया, जिसका सबसे ज्यादा असर मरीजों और उनके परिवारों पर देखने को मिला। हालात ऐसे बन गए कि कई एंबुलेंस सड़क पर फंसी रह गईं और गंभीर मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना मुश्किल हो गया।

शनिवार को सामने आई तस्वीरों ने लोगों को झकझोर कर रख दिया। एक मरीज को लेकर जा रही एंबुलेंस घंटों जाम में फंसी रही। जब मरीज की तबीयत बिगड़ने लगी और आगे बढ़ने का कोई रास्ता नहीं दिखा, तब परिजनों ने मजबूरी में उसे एंबुलेंस से बाहर निकाला और गोद में उठाकर अस्पताल की ओर दौड़ पड़े। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए बेहद भावुक और चिंताजनक था।

शहर की प्रमुख सड़कों पर थम गई रफ्तार

ndtv की खबर के अनुसार, ओवरब्रिज की मरम्मत के कारण यातायात का दबाव वैकल्पिक मार्गों पर बढ़ गया, जिससे पूरे शहर में ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गई। मोहनपुर रोड, मगरदही घाट, मथुरापुर घाट और बाजार समिति रोड समेत कई अहम रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। दोपहिया से लेकर बड़े वाहनों तक सभी जाम में फंसे नजर आए।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से ही यातायात की स्थिति बिगड़ने लगी थी, लेकिन दोपहर तक हालात और गंभीर हो गए। कई जगहों पर वाहन रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे, जबकि कुछ मार्गों पर पूरी तरह ठहराव जैसी स्थिति बन गई थी। इससे रोजमर्रा के कामकाज के साथ-साथ आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हुईं।
सायरन बजता रहा, लेकिन नहीं मिला रास्ता

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक जाम में फंसी एंबुलेंस का सायरन लगातार बज रहा था, लेकिन सड़क पर वाहनों की भारी भीड़ और संकरे वैकल्पिक मार्गों के कारण उसे रास्ता नहीं मिल सका। लोग एंबुलेंस को रास्ता देने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन चारों ओर वाहनों के फंस जाने से स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।

इसी दौरान मरीज की हालत धीरे-धीरे बिगड़ने लगी। परिजनों ने इंतजार करना उचित नहीं समझा और एंबुलेंस से मरीज को उतारकर गोद में उठा लिया। इसके बाद वे भीड़ के बीच से रास्ता बनाते हुए अस्पताल की ओर भागे। इस घटना ने शहर में स्वास्थ्य सेवाओं और ट्रैफिक प्रबंधन को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

मरम्मत कार्य को बताया जा रहा जरूरी


जिला प्रशासन का कहना है कि ओवरब्रिज की मरम्मत लंबे समय से आवश्यक थी और यह काम शहर के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कराया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार पुल की संरचनात्मक मजबूती बनाए रखने और भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचने के लिए मरम्मत कार्य जरूरी है।

प्रशासन का दावा है कि यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और ट्रैफिक कर्मियों की तैनाती की गई है। हालांकि पहले ही दिन सामने आए हालात ने इन तैयारियों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि वैकल्पिक रूट की बेहतर योजना और ट्रैफिक नियंत्रण की अधिक मजबूत व्यवस्था की जरूरत थी।

भारी वाहनों पर लगाया गया प्रतिबंध

ओवरब्रिज पर दबाव कम करने के लिए जिला प्रशासन ने फिलहाल भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। अधिकारियों ने वैकल्पिक मार्ग भी निर्धारित किए हैं ताकि ट्रैफिक का भार शहर के मुख्य हिस्सों पर कम किया जा सके।

प्रशासन के निर्देश के अनुसार दरभंगा की ओर से आने-जाने वाले बड़े वाहन अब कल्याणपुर और पूसा होते हुए ताजपुर मार्ग का उपयोग करेंगे। इसके बावजूद लोगों को आशंका है कि आने वाले दिनों में यदि ट्रैफिक व्यवस्था को और बेहतर नहीं किया गया तो जाम की समस्या और गंभीर रूप ले सकती है। फिलहाल शहरवासी उम्मीद कर रहे हैं कि मरम्मत कार्य के साथ-साथ प्रशासन यातायात प्रबंधन को भी अधिक प्रभावी बनाएगा ताकि मरीजों और आम नागरिकों को ऐसी परेशानियों का दोबारा सामना न करना पड़े।