पटना में सड़क हादसे के बाद भड़की हिंसा! बस समेत 5 वाहनों को किया आग के हवाले, पुलिस और मीडिया पर भी पथराव

बिहार की राजधानी पटना में शुक्रवार (7 अगस्त) को एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद हालात अचानक बेकाबू हो गए। बाईपास थाना क्षेत्र के अंतर्गत नेशनल हाईवे पर तेज रफ्तार बस की चपेट में आने से 26 वर्षीय मनीष कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर पहुंच गए। युवक की मौत से गुस्साए लोगों का आक्रोश देखते ही देखते उग्र प्रदर्शन में बदल गया।

हादसे के विरोध में लोगों ने नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शन के दौरान भीड़ का गुस्सा लगातार बढ़ता गया और कुछ ही देर में स्थिति हिंसक हो गई। आक्रोशित लोगों ने दुर्घटना में शामिल बस को निशाना बनाया और उसमें आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते पूरी बस धू-धू कर जलने लगी और आसपास अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
बस में लगाई आग, दमकल की कोशिश भी हुई नाकाम

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद लोगों ने बस को चारों तरफ से घेर लिया और उसमें आग लगा दी। आग की लपटें तेजी से उठने लगीं, जिसके बाद सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, उग्र भीड़ के भारी विरोध के कारण दमकलकर्मी आग बुझाने का काम शुरू नहीं कर सके। हालात इतने तनावपूर्ण थे कि उन्हें बिना कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों को भी भीड़ के विरोध का सामना करना पड़ा और सुरक्षा कारणों से उन्हें पीछे हटना पड़ा।

बस के अलावा कई अन्य वाहन भी जलाए, पुलिस और मीडिया पर हमला

स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई और गुस्साई भीड़ ने बस के अलावा आसपास खड़े चार से पांच अन्य वाहनों में भी आग लगा दी। आगजनी की इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इसी दौरान पुलिसकर्मियों और घटनास्थल पर मौजूद मीडिया कर्मियों पर भी पथराव किए जाने की जानकारी सामने आई है। पथराव और आगजनी के कारण नेशनल हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया और काफी देर तक सड़क पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी अतिरिक्त पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने लोगों को शांत कराने और हालात पर काबू पाने की कोशिश की। पुलिस ने पूरे क्षेत्र को अपने नियंत्रण में लेने के लिए सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है, वहीं आगजनी और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल की तैनाती की गई है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है।