बाढ़ से तबाह नेपाल में फिर खतरे की आहट, सीमा पर बनी झीलों को लेकर चीन-नेपाल की चेतावनी

नेपाल में इस सप्ताह आई भीषण अचानक बाढ़ के बाद स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। नेपाल और चीन ने हिमालयी क्षेत्र में एक और बाढ़ की आशंका को लेकर चेतावनी दी है। सीमा के दोनों ओर दो झीलों के बनने से इनके फटने की चिंता बढ़ गई है। इसी बीच नेपाल और तिब्बत में राहत एवं बचाव दल लापता लोगों की तलाश में जुटे हुए हैं।

बुधवार को आई अचानक बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई। कई घर क्षतिग्रस्त हुए, पुल बह गए और सड़कें पानी में डूब गईं। नेपाल पुलिस के अनुसार, ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन के बाद आए बाढ़ के पानी और भारी मलबे के कारण मृतकों की संख्या 389 तक पहुंच गई है। 1,400 से अधिक लोगों के अब भी लापता होने की जानकारी सामने आई है।

नेपाल में 910 लोग अब भी लापता


नेपाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार, देश में मरने वालों की संख्या 359 हो गई है। लापता 910 लोगों में 517 विदेशी नागरिक शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हवाई मार्ग से सुरक्षित निकाला जा चुका है।

नेशनल इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के हवाले से दी गई जानकारी के मुताबिक, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक और सेना-पुलिस के 85 सुरक्षाकर्मी शामिल हैं। इसके अलावा रसुवा जिले के 161 और नुवाकोट जिले के एक निवासी के लापता होने की जानकारी भी दी गई है।

चीन के तिब्बत में भी बड़ी संख्या में लोग लापता

चीन के सरकारी मीडिया के अनुसार, तिब्बत के ग्यिरोंग काउंटी में कम से कम तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 558 लोग लापता हैं। सरकारी ब्रॉडकास्टर CCTV के मुताबिक, इनमें 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।

चीन के विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि नेपाल की ओर करीब 100 चीनी नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।
भारत के 288 नागरिकों से संपर्क नहीं

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, चीन और नेपाल में 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है। इनमें 73 लोग एक पावर प्रोजेक्ट में काम कर रहे थे। नेपाल के अधिकारियों के अनुसार, कई भारतीय पर्यटक तिब्बत में माउंट कैलाश की तीर्थयात्रा के लिए भी गए थे।

कई देशों के नागरिक लापता

नेपाल में आई बाढ़ और मलबे की चपेट में अलग-अलग देशों के नागरिक भी आए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार:

अमेरिका: 90 नागरिक लापता हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा है कि किसी अमेरिकी नागरिक की मौत की जानकारी नहीं है और तीन अमेरिकियों को बचाया गया है।
मलेशिया: 51 नागरिक लापता हैं।
यूक्रेन: 55 नागरिक लापता हैं। इनमें दो पर्यटक समूहों के 47 और सात लोग तथा एक यूक्रेनी महिला शामिल है।
ऑस्ट्रेलिया: 39 नागरिक लापता हैं।
ब्रिटेन: 33 नागरिक लापता हैं।
कनाडा: 25 नागरिक लापता हैं।
दक्षिण कोरिया: नेपाल में हाइड्रोपावर प्लांट के निर्माण में काम कर रहे नौ नागरिक लापता हैं।
सिंगापुर: आठ नागरिक लापता हैं।
जर्मनी: आठ पर्यटक लापता हैं।
रूस: आठ नागरिक लापता हैं।
दक्षिण अफ्रीका: छह नागरिक लापता हैं।
लातविया: छह पर्यटक लापता हैं।
जापान: पांच जापानी नागरिकों के लापता होने की खबर है। जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची ने इस पर चिंता जताई है।
न्यूज़ीलैंड: पांच लोग लापता हैं।
फ्रांस: चार नागरिक लापता हैं।
बेल्जियम: तीन लोग लापता हैं।
स्पेन: तीन पर्यटक लापता हैं।

इसके अलावा इटली, कजाकिस्तान, पुर्तगाल, आयरलैंड और नीदरलैंड के दो-दो नागरिक लापता बताए गए हैं। बेलारूस, फिनलैंड, हंगरी, इज़राइल, लिथुआनिया, फिलीपींस, बुल्गारिया, स्विट्जरलैंड, सर्बिया और स्वीडन के एक-एक नागरिक के भी लापता होने की जानकारी दी गई है।

राहत और तलाश का अभियान जारी

नेपाल और तिब्बत में बचावकर्मी अभी भी लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। बाढ़ से प्रभावित इलाकों में पहले से हुई तबाही के बीच सीमा क्षेत्र में बनी दो झीलों को लेकर नई चिंता सामने आई है। इनके फटने की आशंका के चलते नेपाल और चीन ने हिमालयी क्षेत्र में संभावित दोबारा बाढ़ को लेकर चेतावनी दी है।