मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: सीएम नीतीश ने सुपौल की 27 हजार महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए 27 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत 1 लाख महिला लाभुकों को प्रति लाभुक 10,000 रुपये की दर से कुल 100 करोड़ रुपए का वितरण कार्यक्रम पटना से लाइव प्रसारण के माध्यम से आयोजित किया। समाहरणालय स्थित लहटन चौधरी सभागार में भी इस कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

इस योजना का उद्देश्य राज्य के हर परिवार की एक महिला को आर्थिक सहायता प्रदान करके उसे रोजगार की दिशा में प्रेरित करना है। राज्य सरकार की इस पहल से सभी समुदाय और वर्ग की महिलाएं योजना का लाभ उठा सकती हैं। महिलाओं को अपनी पसंद का व्यवसाय या रोजगार शुरू करने के लिए प्रारंभिक राशि 10,000 रुपये दी जा रही है।

आगे की प्रक्रिया में आवश्यकता और प्रदर्शन के आधार पर दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त वित्तीय सहायता का प्रावधान है। इसके अलावा, लाभुकों को राज्य में सक्रिय 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और 1 करोड़ 40 लाख जीविका दीदियों की संगठनात्मक व्यवस्था से मार्गदर्शन और समर्थन मिलेगा।

योजना के तहत समूह से वंचित परिवारों को भी स्वयं सहायता समूहों में जोड़ा जा रहा है। इसका उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और उद्यमिता के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना है। इस योजना के माध्यम से न केवल महिला सशक्तिकरण को बल मिलेगा, बल्कि राज्य एवं देश की आर्थिक प्रगति में भी योगदान मिलेगा।

सुपौल जिले में अब तक लगभग 3 लाख परिवारों को प्रति लाभुक 10,000 रुपये की दर से राशि प्रदान की जा चुकी है। इस कार्यक्रम में आज लगभग 27 हजार महिलाओं के खातों में कुल 27 करोड़ रुपये का ट्रांसफर किया गया। आगामी चरण में शेष परिवारों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा।

इस अवसर पर जिला पदाधिकारी सावन कुमार और उप विकास आयुक्त सारा अशरफ ने योजना से लाभान्वित सभी महिलाओं को बधाई दी और उन्हें स्वावलंबन और आर्थिक विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का प्रोत्साहन दिया। कार्यक्रम में जीविका के जिला परियोजना प्रबंधक दीपक कुमार यादव, जिला संचार प्रबंधक विवेक महाजन, जिला अधिप्राप्ति प्रबंधक रवि शेखर सिंह, जिला प्रबंधक रवि कुमार, मु. अजहर, प्रखंड परियोजना प्रबंधक मु. मिर्जा आजाद बैग, अशोक कुमार, अजय कुमार, गायत्री देवी सहित सैकड़ों जीविका दीदियां उपस्थित रहीं।

जिला मुख्यालय सहित सभी 11 प्रखंडों, 42 संकुल संघों और 2,148 ग्राम संगठनों में इस कार्यक्रम का लाइव प्रसारण किया गया। वेब-कास्ट के माध्यम से लगभग 78 हजार से अधिक जीविका दीदियों ने इस कार्यक्रम को देखा और सुना।