ईरान के आतंकी शासन को पूरी तरह खत्म कर रहे हैं, यह मेरे लिए गर्व की बात: ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ जारी सैन्य कार्रवाई को लेकर एक बार फिर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका ईरान के “आतंकवादी शासन” को हर स्तर पर कमजोर और तबाह कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि सैन्य शक्ति, आर्थिक दबाव और रणनीतिक अभियानों के जरिए ईरान की ताकत को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में ट्रंप ने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना, मिसाइल प्रणाली और ड्रोन क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उनके मुताबिक, अमेरिका के पास अपार सैन्य शक्ति और पर्याप्त संसाधन हैं, जिसके चलते यह अभियान निर्णायक मोड़ की ओर बढ़ रहा है।

ट्रंप ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?

अपने पोस्ट में Donald Trump ने लिखा कि अमेरिका ईरान के “आतंकी शासन” को सैन्य, आर्थिक और रणनीतिक स्तर पर लगातार कमजोर कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ मीडिया संस्थान वास्तविक स्थिति को सही तरीके से नहीं दिखा रहे हैं।

ट्रंप ने तंज कसते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति The New York Times की रिपोर्ट पढ़े, तो उसे लगेगा कि अमेरिका इस संघर्ष में आगे नहीं बढ़ रहा। हालांकि उन्होंने दावा किया कि जमीन पर हालात बिल्कुल अलग हैं और अमेरिकी सेना लगातार बढ़त बनाए हुए है।

उन्होंने अपने संदेश में कहा कि ईरान की नौसेना लगभग खत्म हो चुकी है और वायुसेना की क्षमता भी काफी हद तक नष्ट कर दी गई है। ट्रंप के मुताबिक मिसाइल सिस्टम, ड्रोन नेटवर्क और अन्य सैन्य संसाधनों को भी बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया है।

ट्रंप ने आगे कहा कि जिन लोगों ने पिछले कई दशकों में दुनिया भर में हिंसा और आतंक फैलाया, अब उन्हें इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में इस अभियान का नेतृत्व करना उनके लिए “सम्मान की बात” है।
अमेरिकी सेना का दावा क्या है?

राष्ट्रपति Donald Trump का यह बयान उस समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य अभियान ऑपरेशन एपिक फ्यूरी चर्चा में है। अमेरिकी सैन्य सूत्रों के अनुसार, अभियान के शुरुआती चरण में ही ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस कार्रवाई के दौरान ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौत की खबरें भी सामने आईं। अमेरिकी सेना का दावा है कि ईरान की नौसेना के कई जहाजों को डुबो दिया गया है और उसकी वायु रक्षा प्रणाली तथा रडार नेटवर्क को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।

अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के अनुसार मिसाइल लॉन्चर और ड्रोन निर्माण से जुड़े कई ठिकानों को भी तबाह कर दिया गया है। उनका कहना है कि इन हमलों के बाद ईरान की सैन्य क्षमताओं पर बड़ा असर पड़ा है।

14 दिनों से जारी है संघर्ष

यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव को करीब दो सप्ताह हो चुके हैं। United States Central Command यानी सेंटकॉम ने हाल ही में कुछ वीडियो भी जारी किए हैं, जिनमें ईरान के नौसैनिक अड्डों पर हमले के दृश्य दिखाई दे रहे हैं।

इन वीडियो में Strait of Hormuz के आसपास स्थित ईरानी नौसैनिक ठिकानों और माइन बिछाने वाले जहाजों को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है।

इस बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने भी बयान दिया कि यह संघर्ष अमेरिका ने शुरू नहीं किया था, लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में इसे निर्णायक रूप से समाप्त किया जाएगा।

विश्लेषकों का मानना है कि यह सैन्य टकराव क्षेत्रीय राजनीति और वैश्विक सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह संघर्ष किस दिशा में आगे बढ़ता है और इसका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या प्रभाव पड़ता है।