' अब हम जुड़वा भाई बन गए हैं...', सीट शेयरिंग पर JDU की पहली प्रतिक्रिया

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में सीटों के बंटवारे का फाइनल ऐलान हो चुका है। इस बार के फॉर्मूले के अनुसार भाजपा और जेडीयू दोनों 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि अन्य सहयोगी दलों को भी हिस्सेदारी दी गई है। इसी पर अब जेडीयू की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।

“अब हम जुड़वा भाई हैं”

जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने कहा, “ना कोई बड़ा भाई है, ना कोई छोटा भाई। अब हम जुड़वा भाई बन गए हैं। सीट चाहे जितनी मिले, मुख्यमंत्री और चेहरा तो नीतीश कुमार ही होंगे। कई बार ऐसा हुआ कि बीजेपी के पास ज्यादा विधायक थे, फिर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ही रहे। सीटों की संख्या चाहे कम हो या ज्यादा, ड्राइविंग सीट पर तो नीतीश कुमार ही हैं। पासवान, मांझी, कुशवाहा जी – ये सब हमारे ही हैं। हमारा DNA तो एक ही है, ये लोग जनता दल से ही निकले हैं।”

सभी दलों की सहमति से तय हुआ बंटवारा

जेडीयू प्रवक्ता अंजूम आरा ने कहा कि एनडीए में सभी घटक दलों का सम्मान किया जाता है और चुनाव में सामंजस्य बनाए रखना मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा, “हमारे पांचों दल आपसी सहमति से चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। इस बार के सीट बंटवारे में सभी को सम्मान मिला है। बीजेपी और जेडीयू बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ रही हैं। जो लोग तंज कस रहे हैं, वे पहले देखें कि उनकी सीट शेयरिंग फाइनल हुई है या नहीं। एनडीए की चिंता छोड़ दें।”

नीतीश कुमार की राजनीतिक मजबूती

नीतीश कुमार 2005 से लगातार बिहार के मुख्यमंत्री बने हुए हैं। उनके चुनावी इतिहास पर नजर डालें तो:

2005: जेडीयू ने 139 सीटों पर चुनाव लड़ा और 88 सीटें जीती, जबकि बीजेपी ने 102 सीटों पर चुनाव लड़ा और 55 सीटें जीती।

2010: जेडीयू 141 सीटों पर चुनाव लड़ी और 115 जीतकर आई, जबकि बीजेपी ने 102 सीटों में से 91 जीत हासिल की।

2015: महागठबंधन के समय जेडीयू और आरजेडी ने बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लड़ा।

2020: जेडीयू एनडीए में शामिल होकर 115 सीटों पर चुनाव लड़ी और 43 सीटें जीती, जबकि बीजेपी ने 110 सीटों में 74 जीत दर्ज की।

विश्लेषकों के अनुसार, जेडीयू हर बार गठबंधन में ‘बड़े भाई’ की भूमिका निभाती रही है, लेकिन इस बार के बंटवारे में उसे बराबरी की स्थिति मिली है।