‘हर पल कैमरों की नजर में रहना ठीक नहीं’, विराट कोहली ने प्रैक्टिस सेशन को लेकर जताई नाराजगी

भारतीय क्रिकेट के सबसे चर्चित खिलाड़ियों में शामिल विराट कोहली ने अब खिलाड़ियों की प्राइवेसी और लगातार कैमरों से निगरानी किए जाने को लेकर खुलकर अपनी राय रखी है। IPL 2026 में शानदार फॉर्म में चल रहे कोहली ने हाल ही में एक पॉडकास्ट के दौरान बताया कि लगातार कैमरों द्वारा रिकॉर्ड किया जाना खिलाड़ियों के लिए कई बार असहज स्थिति पैदा कर देता है। उन्होंने कहा कि प्रैक्टिस के दौरान भी खिलाड़ी पूरी आजादी से काम नहीं कर पाते क्योंकि हर गतिविधि कैमरे में कैद हो जाती है।

दरअसल, मौजूदा समय में IPL और इंटरनेशनल क्रिकेट का माहौल पूरी तरह हाई-प्रोफाइल हो चुका है। स्टार क्रिकेटर्स जहां भी जाते हैं, कैमरे हर पल उनका पीछा करते नजर आते हैं। मैदान से लेकर होटल और प्रैक्टिस सेशन तक, खिलाड़ियों की लगभग हर गतिविधि रिकॉर्ड की जाती है। इसी मुद्दे पर विराट कोहली ने अपनी नाराजगी जाहिर की और कहा कि खिलाड़ियों को भी कुछ निजी स्पेस मिलना चाहिए।

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु द्वारा साझा किए गए एक पॉडकास्ट वीडियो में कोहली ने मशहूर एंकर मयंती लैंगर से बातचीत के दौरान इस विषय पर विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि जैसे ही कोई खिलाड़ी प्रैक्टिस के लिए मैदान पर पहुंचता है, कई कैमरे उसके पीछे लग जाते हैं। यह स्थिति किसी भी खिलाड़ी के लिए सामान्य या सहज नहीं कही जा सकती।

कोहली ने कहा कि एक प्रोफेशनल खिलाड़ी के तौर पर उन्हें यह स्वतंत्रता मिलनी चाहिए कि वह बिना किसी दबाव के अपने खेल पर काम कर सकें। लेकिन जब हर छोटी गतिविधि रिकॉर्ड होने लगे और उसके वीडियो सोशल मीडिया या टीवी पर चर्चा का विषय बन जाएं, तब खिलाड़ी स्वाभाविक तरीके से अभ्यास नहीं कर पाता।
उन्होंने साफ तौर पर कहा कि कई बार वह नेट्स में वे चीजें ट्राई नहीं कर पाते जो वास्तव में करना चाहते हैं। इसकी वजह यह है कि उन्हें पता होता है कि अगर कोई नया शॉट, तकनीक या प्रयोग कैमरे में रिकॉर्ड हो गया, तो अगले दिन उसी पर बहस और विश्लेषण शुरू हो जाएगा। कोहली के मुताबिक इससे खिलाड़ी के अभ्यास का स्वाभाविक माहौल प्रभावित होता है।

विराट कोहली ने यह भी कहा कि कैमरों की मौजूदगी पूरी तरह गलत नहीं है, लेकिन इसकी एक सीमा जरूर तय होनी चाहिए। उनका मानना है कि खिलाड़ियों की निजी सहजता और मानसिक स्पेस को ध्यान में रखते हुए कुछ सीमाएं बनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह समझना बेहद जरूरी है कि क्या हर खिलाड़ी हर समय रिकॉर्ड किए जाने में सहज महसूस करता है या नहीं।

कोहली के अनुसार यह सिर्फ एक खिलाड़ी का व्यक्तिगत मुद्दा नहीं है, बल्कि आधुनिक क्रिकेट में तेजी से बढ़ती मीडिया और डिजिटल मौजूदगी से जुड़ा बड़ा विषय है। आज सोशल मीडिया और कंटेंट की बढ़ती मांग के कारण खिलाड़ियों की निजी जिंदगी और ट्रेनिंग सेशन भी लगातार सार्वजनिक होते जा रहे हैं। ऐसे में खिलाड़ियों के मानसिक संतुलन और निजी स्पेस पर भी ध्यान देना जरूरी हो गया है।

IPL 2026 में विराट कोहली का प्रदर्शन शानदार रहा है और वह लगातार अपनी टीम के लिए रन बना रहे हैं। हालांकि मैदान पर बेहतरीन प्रदर्शन के बीच उनका यह बयान क्रिकेट जगत में एक नई बहस को जन्म दे सकता है कि खिलाड़ियों की निजता और कैमरों की पहुंच के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।