वैभव सूर्यवंशी ने रचा इतिहास, T20 क्रिकेट में सबसे तेज 100 छक्कों का ‘वर्ल्ड रिकॉर्ड’ किया अपने नाम

Vaibhav Suryavanshi ने शनिवार को Gujarat Titans के खिलाफ ऐसा कारनामा कर दिखाया, जिसने टी20 क्रिकेट के रिकॉर्ड बुक को पूरी तरह हिला दिया। मैच की शुरुआत में ही उन्होंने मोहम्मद सिराज की गेंद पर शानदार छक्का लगाकर अपने इरादे साफ कर दिए। खास बात यह रही कि इसी मुकाबले में उन्होंने टी20 क्रिकेट में अपने 100 छक्के पूरे कर इतिहास रच दिया।

सिराज द्वारा फेंके गए पहले ओवर में ही वैभव ने आक्रामक अंदाज अपनाया और दूसरी ही गेंद पर छक्का जड़ दिया। हालांकि इसी ओवर में Mohammed Siraj ने उन्हें आउट कर वापसी की, लेकिन तब तक वह अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से छाप छोड़ चुके थे। वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में 36 रन बनाए, जिसमें 3 छक्के और 3 चौके शामिल रहे। उनकी तेज शुरुआत के बावजूद Rajasthan Royals यह मुकाबला 77 रनों से हार गई।

टी20 में सबसे तेज 100 छक्कों का ऐतिहासिक रिकॉर्ड

इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी टी20 क्रिकेट में सबसे कम उम्र में 100 छक्के लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। उन्होंने मात्र 514 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल कर ली, जो अपने आप में एक विश्व रिकॉर्ड है।

इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के दिग्गज खिलाड़ी Kieron Pollard के नाम था, जिन्होंने 843 गेंदों में 100 छक्के पूरे किए थे। वहीं अन्य खिलाड़ियों की तुलना में भी वैभव का यह आंकड़ा बेहद तेज माना जा रहा है, जिससे उनकी विस्फोटक क्षमता और भी खास बन जाती है।

सिराज बनाम वैभव: पहले ओवर से ही टकराव

गुजरात टाइटंस की ओर से पारी का पहला ओवर मोहम्मद सिराज ने डाला। पहली गेंद पर यशस्वी जायसवाल ने एक रन लेकर स्ट्राइक वैभव को दी, जिसके बाद उन्होंने तुरंत आक्रामक रुख अपना लिया। वैभव ने पहली ही मौके पर सिराज की गेंद को सीमा रेखा के पार पहुंचा दिया।

इसके बाद सिराज ने वापसी करने की कोशिश की और यॉर्कर के साथ वैभव को रोकने का प्रयास किया, लेकिन बल्लेबाज अपने अंदाज में बने रहे। इसी तरह अगले ओवरों में भी वैभव ने लगातार रन बटोरे और कुछ ही गेंदों में 3 चौके जड़ दिए, जिससे गेंदबाजों पर दबाव बढ़ गया।
आक्रामक शुरुआत, लेकिन अंत में बड़ा झटका

तेज शुरुआत के बावजूद वैभव सूर्यवंशी ज्यादा देर टिक नहीं सके। सिराज द्वारा डाले गए एक तेज बाउंसर पर उन्होंने बड़ा शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद हवा में गई और फील्डर ने आसान कैच पकड़ लिया।

इस विकेट के बाद सिराज का जश्न भी बेहद आक्रामक रहा, जिससे साफ दिखा कि यह विकेट उनके लिए कितना महत्वपूर्ण था। वैभव की इस छोटी लेकिन धमाकेदार पारी ने मैच का माहौल जरूर बदल दिया, लेकिन अंत में राजस्थान रॉयल्स लक्ष्य का पीछा करने में असफल रही और टीम को 152 रन पर समेट दिया गया।