श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का देना पड़ सकता है भारी! वैभव सूर्यवंशी पर लटक सकती है कार्रवाई की तलवार, जानें पूरा मामला

आईपीएल 2026 में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से चर्चा बटोरने वाले युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी इस बार अपने खेल नहीं, बल्कि मैदान पर हुई एक विवादित घटना को लेकर सुर्खियों में हैं। आयरलैंड दौरे से पहले श्रीलंका में भारत ए टीम के साथ मौजूद 15 वर्षीय वैभव एक ऐसे विवाद में फंस गए हैं, जो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का कारण बन सकता है। श्रीलंका ए के खिलाफ खेले गए रोमांचक मुकाबले के बाद मैदान पर हुई तीखी नोकझोंक और कथित धक्का-मुक्की ने पूरे मामले को चर्चा का विषय बना दिया है।

ट्राई सीरीज के इस मुकाबले में भारत ए को सुपर ओवर में जीत के लिए 17 रनों की जरूरत थी। हालांकि श्रीलंका ए के तेज गेंदबाज कुघातास मथुलन ने शानदार गेंदबाजी करते हुए भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। भारतीय टीम सुपर ओवर में सिर्फ 9 रन ही बना सकी और उसे हार का सामना करना पड़ा। वैभव सूर्यवंशी को सुपर ओवर की पहली गेंद खेलने का मौका नहीं मिला था। उन्होंने तीन गेंदों का सामना करते हुए एक चौके की मदद से 6 रन बनाए, लेकिन उनकी यह कोशिश टीम को जीत तक नहीं पहुंचा सकी।

मैच खत्म होते ही बढ़ा तनाव

मुकाबले के समाप्त होते ही श्रीलंका ए के खिलाड़ी जीत का जश्न मनाने लगे। इसी दौरान मैदान से बाहर लौट रहे वैभव सूर्यवंशी और सूर्यांश शेडगे के सामने ऐसी स्थिति बनी जिसने माहौल को अचानक गर्म कर दिया। बताया जा रहा है कि श्रीलंकाई टीम की ओर से की गई किसी टिप्पणी पर वैभव नाराज हो गए।

टीवी कैमरों में कैद दृश्य के अनुसार, गुस्से में वैभव ने एक श्रीलंकाई खिलाड़ी को धक्का दे दिया। इसके बाद दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच तनाव बढ़ गया और कुछ समय के लिए माहौल काफी गरमा गया। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला को बीच-बचाव करना पड़ा। उन्होंने दोनों पक्षों को शांत कराया और मामला आगे बढ़ने से रोका। हालांकि मैदान छोड़ते समय भी वैभव विपक्षी खिलाड़ियों की ओर इशारे करते और उनसे बहस करते दिखाई दिए।

एक ही मुकाबले में दो बार विवादों में घिरे

दिलचस्प बात यह है कि मैच के दौरान यह दूसरा मौका था जब वैभव का नाम विवाद से जुड़ा। इससे पहले सुपर ओवर में श्रीलंका की पारी की अंतिम गेंद को थर्ड अंपायर द्वारा नो-बॉल घोषित किए जाने के बाद भी वह चर्चा में आ गए थे।

उस समय भारतीय कप्तान तिलक वर्मा अंपायरों से बातचीत कर रहे थे, लेकिन डगआउट में बैठे वैभव भी मैदान पर चल रही चर्चा में शामिल हो गए और अंपायर के फैसले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर करने लगे। स्थिति ऐसी बन गई कि मुख्य कोच ऋषिकेश कानितकर को हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने वैभव को पीछे हटने के लिए कहा। पूरे मैच के दौरान दो अलग-अलग घटनाओं में उनके आक्रामक रवैये ने टीम प्रबंधन का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
क्या आईसीसी ले सकती है सख्त कदम?

फिलहाल मैच रेफरी प्रदीप जयप्रगाश की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक फैसला नहीं सुनाया गया है। हालांकि क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि घटना की समीक्षा के बाद वैभव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

संभावित सजा में जुर्माना, डिमेरिट अंक या कुछ मैचों के लिए निलंबन जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच किसी भी प्रकार के शारीरिक टकराव को गंभीर उल्लंघन माना जाता है। इसी तरह 2024 की बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के दौरान विराट कोहली को विपक्षी खिलाड़ी के साथ टकराव और बहस के कारण लेवल-1 अपराध का दोषी ठहराया गया था। उस मामले में उन पर मैच फीस का 20 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया था और एक डिमेरिट अंक भी दिया गया था।

हालांकि वैभव का मामला केवल मौखिक बहस तक सीमित नहीं दिख रहा। वीडियो फुटेज में कथित तौर पर शारीरिक संपर्क और धक्का देने जैसी स्थिति नजर आने के कारण उनके खिलाफ अपेक्षाकृत सख्त कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

आईसीसी के नियम क्या कहते हैं?

आईसीसी की आचार संहिता का अनुच्छेद 2.12 खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ, अंपायरों या मैच अधिकारियों के साथ अनुचित शारीरिक संपर्क से संबंधित है। इस नियम के तहत किसी भी व्यक्ति के साथ जानबूझकर या लापरवाहीवश किया गया शारीरिक संपर्क अनुशासनहीन आचरण माना जा सकता है।

किसी मामले की सुनवाई के दौरान यह देखा जाता है कि संपर्क जानबूझकर किया गया था या नहीं, उसे टाला जा सकता था या नहीं, उसमें कितनी ताकत का इस्तेमाल हुआ और क्या उससे किसी को नुकसान पहुंचा। इन सभी तथ्यों का मूल्यांकन करने के बाद मैच रेफरी उल्लंघन की गंभीरता तय करते हैं और उसी के अनुसार दंड निर्धारित किया जाता है।

चयनकर्ताओं की नजरें भी रहेंगी टिकी

आयरलैंड दौरे से ठीक पहले सामने आई यह घटना भारतीय क्रिकेट प्रबंधन के लिए भी चिंता का विषय बन सकती है। युवा खिलाड़ियों से अपेक्षा की जाती है कि वे दबावपूर्ण परिस्थितियों में भी संयम और अनुशासन बनाए रखें, विशेष रूप से तब जब वे राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में हों।

वैभव सूर्यवंशी भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारों में गिने जाते हैं और ऐसे में उनका व्यवहार चयनकर्ताओं तथा टीम प्रबंधन के लिए चर्चा का विषय बन सकता है। अब सभी की निगाहें मैच रेफरी के फैसले पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि मामले की समीक्षा के बाद वैभव को किसी तरह की आधिकारिक सजा मिलती है या नहीं और इस घटना का उनके आगामी अंतरराष्ट्रीय अवसरों पर कोई प्रभाव पड़ता है या नहीं।