वैभव की तूफानी पारी भी नहीं बचा सकी राजस्थान को, इन 5 खिलाड़ियों की नाकामी बनी हार की सबसे बड़ी वजह

आईपीएल 2026 के क्वालीफायर-2 में राजस्थान रॉयल्स का फाइनल में पहुंचने का सपना टूट गया। गुजरात टाइटंस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 215 रनों के लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लिया और खिताबी मुकाबले में अपनी जगह बना ली। राजस्थान की ओर से युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 47 गेंदों में 96 रनों की विस्फोटक पारी खेली, लेकिन उनकी मेहनत टीम को जीत नहीं दिला सकी।

वैभव ने एक छोर संभालते हुए लगातार आक्रामक बल्लेबाजी की और गुजरात के गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। हालांकि दूसरे बल्लेबाज उनका साथ देने में सफल नहीं रहे। नतीजा यह रहा कि राजस्थान रॉयल्स उस विशाल स्कोर तक नहीं पहुंच सकी, जो इस बल्लेबाजी के लिए अनुकूल विकेट पर गुजरात जैसी मजबूत टीम के खिलाफ सुरक्षित माना जाता।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि मुल्लापुर की पिच बल्लेबाजों के लिए काफी मददगार थी और राजस्थान के पास 240 से 250 रन तक पहुंचने का अच्छा मौका था। लेकिन मध्यक्रम और निचले क्रम की नाकामी ने टीम को अपेक्षित स्कोर से काफी पीछे रोक दिया। आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में जिनका प्रदर्शन राजस्थान की हार का बड़ा कारण बना।

यशस्वी जायसवाल की खराब शुरुआत ने बढ़ाया दबाव

राजस्थान रॉयल्स को इस बड़े मुकाबले में अपने स्टार ओपनर यशस्वी जायसवाल से तेज शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वह एक बार फिर बड़ा योगदान देने में नाकाम रहे। शुरुआती ओवरों में उनका विकेट गिरने से टीम दबाव में आ गई।

जायसवाल ने केवल 2 गेंदों का सामना किया और 1 रन बनाकर पवेलियन लौट गए। बड़े मैच में उनकी यह छोटी पारी राजस्थान की रणनीति को शुरुआती झटका देने वाली साबित हुई।
प्रदर्शन: 1 रन (2 गेंद)

ध्रुव जुरेल नहीं निभा सके फिनिशर की भूमिका


मध्यक्रम में बल्लेबाजी करने आए ध्रुव जुरेल से उम्मीद थी कि वह तेजी से रन जोड़कर टीम के स्कोर को मजबूत बनाएंगे। हालांकि वह अपनी भूमिका के साथ न्याय नहीं कर सके।

जुरेल ने 6 गेंदों में सिर्फ 7 रन बनाए। उनकी धीमी पारी के कारण राजस्थान अंतिम ओवरों में अपेक्षित गति हासिल नहीं कर पाया। जब टीम को तेजी से रन जुटाने की जरूरत थी, तब उनका योगदान काफी सीमित रहा।

प्रदर्शन: 7 रन (6 गेंद)

कप्तान रियान पराग का बल्ला भी नहीं चला


पूरे सीजन में शानदार नेतृत्व करने वाले कप्तान रियान पराग इस अहम मुकाबले में बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। उनसे उम्मीद थी कि वह वैभव सूर्यवंशी का साथ देते हुए टीम को 230 से अधिक के स्कोर तक पहुंचाएंगे।

हालांकि पराग केवल 11 रन बनाकर आउट हो गए। उनकी छोटी पारी ने राजस्थान की रन गति को प्रभावित किया और टीम अतिरिक्त 20-25 रन बनाने का अवसर गंवा बैठी।

प्रदर्शन: 11 रन (6 गेंद)

दसुन शनाका नहीं दिखा सके अनुभव का असर

अनुभवी श्रीलंकाई ऑलराउंडर दसुन शनाका पर भी टीम को काफी भरोसा था, लेकिन उनका बल्ला भी निर्णायक मुकाबले में खामोश रहा। उन्होंने क्रीज पर समय बिताया, लेकिन रन बनाने की गति बेहद धीमी रही।

शनाका ने 9 गेंदों में केवल 3 रन बनाए। डेथ ओवरों में इस तरह की बल्लेबाजी राजस्थान के लिए नुकसानदायक साबित हुई और टीम का कुल स्कोर अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाया।

प्रदर्शन: 3 रन (9 गेंद)

बृजेश शर्मा की महंगी गेंदबाजी पड़ी भारी


बल्लेबाजों की नाकामी के अलावा गेंदबाजी विभाग भी दबाव बनाने में असफल रहा। खासकर बृजेश शर्मा का स्पेल राजस्थान के लिए महंगा साबित हुआ।

गुजरात के बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों पर खुलकर रन बटोरे। उन्होंने 3.4 ओवर में 44 रन खर्च किए और केवल एक विकेट हासिल कर सके। जब विपक्षी टीम बड़े लक्ष्य का पीछा कर रही हो, तब इस तरह की महंगी गेंदबाजी मैच का रुख बदल सकती है।

प्रदर्शन: 3.4 ओवर, 44 रन, 1 विकेट


वैभव अकेले लड़ते रहे, टीम नहीं दे सकी साथ

राजस्थान रॉयल्स के लिए इस मुकाबले में सबसे सकारात्मक पहलू वैभव सूर्यवंशी की बल्लेबाजी रही। उन्होंने 96 रन बनाकर दिखाया कि बड़े मंच पर भी वह दबाव से नहीं घबराते। लेकिन क्रिकेट एक टीम गेम है और केवल एक खिलाड़ी के दम पर जीत हासिल करना हमेशा संभव नहीं होता।

यही कारण रहा कि वैभव की यादगार पारी के बावजूद राजस्थान रॉयल्स फाइनल का टिकट हासिल नहीं कर सकी। कुछ बल्लेबाजों की विफलता और गेंदबाजी में अपेक्षित धार की कमी ने टीम के अभियान का अंत कर दिया, जबकि गुजरात टाइटंस ने मौके का पूरा फायदा उठाते हुए शानदार जीत दर्ज की।