विश्व कप 2027: भुवनेश्वर कुमार की वापसी की उठी मांग, पूर्व दिग्गज बोले- चयनकर्ताओं को करनी चाहिए बात

भारत के अनुभवी तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार की एक बार फिर भारतीय एकदिवसीय टीम में वापसी की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व भारतीय क्रिकेटर रविचंद्रन अश्विन का मानना है कि यदि भारत को वर्ष 2027 के एकदिवसीय विश्व कप में मजबूत गेंदबाजी आक्रमण के साथ उतरना है, तो भुवनेश्वर कुमार जैसे अनुभवी खिलाड़ी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने चयन समिति से अपील की है कि वह भुवनेश्वर से संवाद स्थापित करे और उन्हें घरेलू क्रिकेट में नियमित अवसर देकर विश्व कप की तैयारियों में शामिल करे।

अश्विन ने चयनकर्ताओं को दी खास सलाह


एक क्रिकेट चर्चा के दौरान रविचंद्रन अश्विन ने वर्ष 2027 विश्व कप के संभावित भारतीय खिलाड़ियों पर अपनी राय रखी। उन्होंने विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पांड्या, शुभमन गिल, कुलदीप यादव और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ियों को विश्व कप टीम का मजबूत दावेदार बताया।

हालांकि चर्चा समाप्त होने के बाद अश्विन ने खुद भुवनेश्वर कुमार का नाम उठाया और कहा कि उन्हें भी विश्व कप की योजनाओं में शामिल किया जाना चाहिए। उनका कहना था कि चयनकर्ताओं को भुवनेश्वर से बातचीत करनी चाहिए और उन्हें विजय हजारे ट्रॉफी सहित सभी प्रमुख घरेलू प्रतियोगिताएं खेलने के लिए प्रेरित करना चाहिए, ताकि वह दक्षिण अफ्रीका की परिस्थितियों के लिए पूरी तरह तैयार हो सकें।

आईपीएल 2026 में किया शानदार प्रदर्शन


भुवनेश्वर कुमार ने इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में शानदार गेंदबाजी करते हुए सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की ओर से खेलते हुए पूरे सत्र में 28 विकेट हासिल किए और अपनी टीम के सबसे सफल गेंदबाज रहे। उनके प्रदर्शन ने यह संकेत दिया कि अनुभव और सटीक गेंदबाजी के दम पर वह अब भी बड़े मुकाबलों में प्रभाव छोड़ सकते हैं।

लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर


भुवनेश्वर कुमार पिछले कुछ वर्षों से भारतीय टीम का हिस्सा नहीं रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला नवंबर 2022 में खेला था, जबकि उनका अंतिम एकदिवसीय मुकाबला जनवरी 2022 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ था।

इसके बावजूद घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के बाद उनकी वापसी की मांग समय-समय पर उठती रही है।

चयन समिति की रणनीति अलग


हालांकि अश्विन ने भुवनेश्वर की वापसी का समर्थन किया है, लेकिन मौजूदा चयन समिति की रणनीति को देखते हुए यह आसान नहीं माना जा रहा। मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर के नेतृत्व में भारतीय टीम पिछले कुछ समय से लंबे कद वाले तेज गेंदबाजों पर अधिक भरोसा जता रही है।

हाल के एकदिवसीय मुकाबलों में युवा तेज गेंदबाजों को लगातार मौके दिए गए हैं। ऐसे में आगामी विश्व कप की तैयारियों के दौरान जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे गेंदबाजों को अधिक अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।

एकदिवसीय विश्व कप 2027 के मेजबान स्थल घोषित


अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद ने हाल ही में वर्ष 2027 के एकदिवसीय विश्व कप के आयोजन स्थलों की घोषणा भी कर दी है। यह टूर्नामेंट अक्टूबर और नवंबर में दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा।

विश्व कप के मुकाबले दक्षिण अफ्रीका के जोहानिसबर्ग, सेंचूरियन, केपटाउन, डरबन, ग्केबेर्हा, ब्लोमफोंटेन, पार्ल और कुगोम्पो सिटी के मैदानों पर आयोजित होंगे। इसके अलावा जिम्बाब्वे के हरारे, बुलावायो और विक्टोरिया फॉल्स के नए अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में भी मुकाबले खेले जाएंगे। नामीबिया की राजधानी विंडहोक भी विश्व कप के मैचों की मेजबानी करेगी।
क्या फिर मिलेगी भुवनेश्वर को नीली जर्सी?

भुवनेश्वर कुमार का अनुभव, नई गेंद से स्विंग कराने की क्षमता और बड़े टूर्नामेंटों का अनुभव उन्हें अन्य गेंदबाजों से अलग बनाता है। हालांकि उनकी वापसी का अंतिम फैसला चयन समिति के हाथ में है, लेकिन आईपीएल में शानदार प्रदर्शन और रविचंद्रन अश्विन जैसे अनुभवी खिलाड़ी का समर्थन निश्चित रूप से उनकी दावेदारी को मजबूत करता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय टीम प्रबंधन और चयनकर्ता विश्व कप 2027 की तैयारियों में भुवनेश्वर कुमार को दोबारा मौका देते हैं या युवा खिलाड़ियों पर ही भरोसा कायम रखते हैं।