फीफा वर्ल्ड कप 2026 में गुरुवार को खेले गए एक रोमांचक मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने शानदार जुझारूपन का परिचय देते हुए चेक रिपब्लिक के खिलाफ हार टाल दी। अटलांटा स्टेडियम में खेले गए ग्रुप ए के इस मैच में चेक टीम लंबे समय तक बढ़त बनाए रखने में सफल रही, लेकिन अंतिम क्षणों में मिले पेनाल्टी अवसर का फायदा उठाकर साउथ अफ्रीका ने मुकाबले को 1-1 की बराबरी पर समाप्त कर दिया। इस ड्रॉ के साथ साउथ अफ्रीका ने टूर्नामेंट में अपना पहला अंक हासिल किया, जबकि चेक रिपब्लिक को भी एक अंक से संतोष करना पड़ा।
शुरुआती मिनटों में चेक रिपब्लिक ने बनाई बढ़तमुकाबले की शुरुआत से ही चेक रिपब्लिक ने आक्रामक तेवर दिखाए। टीम ने मैच के केवल छठे मिनट में ही गोल कर साउथ अफ्रीका पर दबाव बना दिया। मिखाल कैडिलैक ने शानदार फिनिश के साथ गेंद को गोलपोस्ट में पहुंचाया और अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
इस गोल की शुरुआत एडम हलोजेक के शानदार क्रॉस से हुई। दाएं फ्लैंक से आई गेंद को एलेक्जेंडर सोजका ने बेहतरीन समझदारी के साथ कैडिलैक तक पहुंचाया। मौके का फायदा उठाते हुए कैडिलैक ने साउथ अफ्रीकी गोलकीपर रोनवेन विलियम्स को छकाकर गेंद नेट में डाल दी।
टूर्नामेंट के सबसे तेज गोलों में शामिल हुआ कैडिलैक का प्रयासमिखाल कैडिलैक का यह गोल इस विश्व कप के अब तक के सबसे तेज गोलों में शामिल हो गया। उन्होंने मुकाबले के पांच मिनट और आठ सेकंड के भीतर गोल दागकर नया रिकॉर्ड कायम किया। इससे पहले जर्मनी के फेलिक्स नमेचा ने कुराकाओ के खिलाफ मुकाबले में तेज गोल किया था, लेकिन कैडिलैक का प्रयास उससे भी कुछ सेकंड तेज साबित हुआ।
गोल मिलने के बाद चेक रिपब्लिक का आत्मविश्वास बढ़ गया और टीम लगातार हमलावर खेल दिखाती रही। दूसरी ओर साउथ अफ्रीका ने भी बराबरी हासिल करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन पहले हाफ में उसे सफलता नहीं मिल सकी। परिणामस्वरूप मध्यांतर तक चेक रिपब्लिक 1-0 की बढ़त के साथ आगे रही।
दूसरे हाफ में साउथ अफ्रीका ने बढ़ाया दबावब्रेक के बाद साउथ अफ्रीका के मुख्य कोच ह्यूगो ब्रूस ने टीम में बदलाव करते हुए युवा खिलाड़ी रेलेबोहिले मोफोकेन्ग को मैदान पर उतारा। 21 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी गति और कौशल से मैच में नई ऊर्जा भर दी। उनके आने से साउथ अफ्रीका का आक्रमण अधिक प्रभावी नजर आने लगा।
हालांकि चेक रिपब्लिक की रक्षापंक्ति भी काफी मजबूत दिखाई दी। कप्तान लैडिस्लाव क्रेजसी के नेतृत्व में डिफेंस लगातार साउथ अफ्रीका के हमलों को विफल करता रहा। जैसे-जैसे समय बीतता गया, ऐसा लगने लगा कि चेक टीम यह मुकाबला जीतने में सफल हो जाएगी।
83वें मिनट में मिला जीवनदानमैच के अंतिम चरण में साउथ अफ्रीका को बड़ा मौका मिला। 83वें मिनट में चेक खिलाड़ी पावेल सुल्क के खिलाफ हैंडबॉल का फैसला दिया गया, जिसके बाद रेफरी ने पेनाल्टी का संकेत किया। यह साउथ अफ्रीका के लिए मुकाबले में वापसी करने का सुनहरा अवसर था।
पेनाल्टी लेने आए टेबोहो मोकोएना ने कोई गलती नहीं की और बेहद शांत तरीके से गेंद को गोल में पहुंचाकर स्कोर 1-1 कर दिया। उनके इस महत्वपूर्ण गोल ने साउथ अफ्रीका को हार से बचा लिया और टीम को टूर्नामेंट का पहला अंक दिला दिया।
दोनों टीमों के खाते में आया पहला अंकइस मुकाबले के बाद ग्रुप ए की अंक तालिका और दिलचस्प हो गई है। साउथ अफ्रीका और चेक रिपब्लिक दोनों के अब दो मैचों में एक-एक अंक हो गए हैं। दोनों टीमें अभी भी नॉकआउट चरण की दौड़ में बनी हुई हैं, लेकिन आगे के मुकाबलों में उन्हें बेहतर प्रदर्शन करना होगा।
वहीं ग्रुप ए में मेक्सिको और रिपब्लिक ऑफ कोरिया तीन-तीन अंकों के साथ शीर्ष दो स्थानों पर बने हुए हैं। बेहतर गोल अंतर के कारण मेक्सिको फिलहाल समूह में पहले स्थान पर काबिज है, जबकि कोरिया दूसरे स्थान पर मौजूद है। आने वाले मैचों में इस समूह की तस्वीर और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।