मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल 2026 में छह विकेट से मिली हार के बाद पंजाब किंग्स को लगातार पांचवीं शिकस्त झेलनी पड़ी। इस निराशाजनक परिणाम के बावजूद कप्तान श्रेयस अय्यर का रुख बेहद संयमित नजर आया। उन्होंने माना कि टीम के लिए यह समय कठिन है, लेकिन प्लेऑफ में जगह बनाने के लिए अब दोनों बचे हुए मुकाबले “करो या मरो” जैसे हैं, जिन्हें हर हाल में जीतना होगा।
पंजाब किंग्स ने सीजन की शुरुआत शानदार तरीके से की थी और शुरुआती सात मैचों के बाद टीम अजेय रही थी, लेकिन इसके बाद अचानक गिरावट देखने को मिली। लगातार पांच हारों ने टीम को टॉप से चौथे स्थान पर पहुंचा दिया है। 12 मैचों के बाद पंजाब के खाते में अब 13 अंक हैं और स्थिति पहले जैसी मजबूत नहीं रही।
तिलक वर्मा की पारी पर अय्यर ने दी खुलकर प्रतिक्रिया201 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए मुंबई इंडियंस ने दमदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन किया। टीम की ओर से तिलक वर्मा ने 33 गेंदों पर 75 रनों की नाबाद तूफानी पारी खेली, जिसमें 6 चौके और 6 छक्के शामिल रहे। उनके अलावा विल जैक्स ने भी तेजतर्रार अंदाज में 10 गेंदों पर 25 रन बनाए और दोनों के बीच पांचवें विकेट के लिए सिर्फ 20 गेंदों में 56 रनों की साझेदारी हुई, जिसने मैच का रुख बदल दिया।
इसके साथ ही रेयान रिकेल्टन ने 48 रनों की अहम पारी खेली और शेरफेन रदरफोर्ड के साथ चौथे विकेट के लिए 61 रन जोड़कर मजबूत नींव रखी। मुंबई ने 19.5 ओवर में 4 विकेट पर 205 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम किया।
अय्यर का बयान– “किसी एक पर उंगली नहीं उठा सकता”मैच के बाद श्रेयस अय्यर ने हार को स्वीकार करते हुए कहा कि यह परिणाम पचाना आसान नहीं है। हालांकि उन्होंने किसी एक खिलाड़ी या एक गलती को जिम्मेदार ठहराने से इनकार कर दिया।
अय्यर ने कहा कि तिलक वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी की और उन्होंने पूरी तरह से मैच की परिस्थितियों के हिसाब से खेला, इसलिए जीत का श्रेय उन्हें ही जाता है।
उन्होंने यह भी सराहा कि पंजाब किंग्स की ओर से अजमुल्लाह उमरजई ने डेथ ओवरों में बेहतरीन बल्लेबाजी की। उमरजई ने 17 गेंदों पर 38 रन बनाए, जिसमें 2 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उनकी इस पारी की बदौलत टीम 170-180 के स्कोर से ऊपर जाकर 200 रन तक पहुंचने में सफल रही।
“200 तक पहुंचना भी एक अच्छी उपलब्धि थी” – अय्यरअय्यर ने आगे कहा कि एक समय ऐसा लग रहा था कि टीम 180 के आसपास ही रुक जाएगी, लेकिन अंत में उमरजई की पारी ने मैच का रुख बदल दिया और टीम 200 के आंकड़े तक पहुंची। उन्होंने इसे एक सम्मानजनक स्कोर बताया, लेकिन साथ ही माना कि गेंदबाजी में सुधार की जरूरत है।
अब पंजाब के लिए हर मैच फाइनल जैसाकप्तान ने साफ कहा कि अब टीम के सामने कोई विकल्प नहीं बचा है। अगले दोनों मुकाबले जीतना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि टीम अगले मैचों को लेकर उत्साहित है और दिन के मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश करेगी।
पंजाब किंग्स को अब अपने अगले दो मैचों में हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी, तभी प्लेऑफ की उम्मीदें जिंदा रह सकती हैं।
पंजाब की पारी की शुरुआत भी रही मजबूतइससे पहले पंजाब किंग्स की बल्लेबाजी अच्छी रही थी। सलामी बल्लेबाज प्रभसिमरन सिंह ने 57 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 32 गेंदों पर 6 चौके और 4 छक्के शामिल थे। उन्होंने प्रियांश आर्या के साथ पहले विकेट के लिए 50 रनों की साझेदारी की और टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई।
इसके बाद कूपर कोनोली के साथ मिलकर उन्होंने दूसरे विकेट के लिए 57 रन जोड़े। हालांकि बीच के ओवरों में मुंबई के गेंदबाजों ने वापसी की, जिसमें शार्दुल ठाकुर ने 4 विकेट लेकर पंजाब की रफ्तार रोक दी।
दीपक चाहर ने भी 36 रन देकर 2 विकेट हासिल किए। बावजूद इसके, अजमुल्लाह उमरजई की आखिरी ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी ने टीम को 200 रन के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचा दिया, लेकिन अंत में यह स्कोर जीत के लिए काफी नहीं रहा।