भारतीय बैडमिंटन की स्टार खिलाड़ी पीवी सिंधु ने जापान ओपन सुपर-750 बैडमिंटन टूर्नामेंट 2026 का खिताब जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया है। फाइनल मुकाबले में उन्होंने मेजबान जापान की शीर्ष खिलाड़ी अकाने यामागुची को सीधे दो सेटों में 21-17, 21-17 से हराकर शानदार जीत हासिल की। इस उपलब्धि के साथ सिंधु जापान ओपन का खिताब जीतने वाली भारत की पहली महिला बैडमिंटन खिलाड़ी बन गई हैं। करीब दो वर्षों के बाद सिंधु किसी बड़े BWF वर्ल्ड टूर टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची थीं और उन्होंने इस मौके को यादगार बनाते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2024 में सैयद मोदी इंटरनेशनल का खिताब जीता था।
दोनों सेटों में जबरदस्त टक्कर, लेकिन सिंधु ने दिखाई चैंपियन वाली मजबूतीपूरे जापान ओपन के दौरान पीवी सिंधु शानदार लय में नजर आईं और फाइनल में भी उन्होंने उसी आत्मविश्वास के साथ खेल का प्रदर्शन किया। मुकाबले के पहले सेट में शुरुआती दौर में अकाने यामागुची ने बढ़त बनाते हुए सिंधु को 11-9 से पीछे कर दिया था। हालांकि भारतीय खिलाड़ी ने दबाव में भी संयम बनाए रखा और लगातार अंक जुटाते हुए जोरदार वापसी की। इसके बाद उन्होंने मैच पर पकड़ मजबूत करते हुए पहला सेट 21-17 से अपने नाम कर लिया।
दूसरे सेट में सिंधु ने शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और यामागुची को लय पकड़ने का मौका नहीं दिया। उन्होंने लगातार बढ़त बनाए रखी और पूरे सेट के दौरान मैच पर नियंत्रण बनाए रखा। जापानी खिलाड़ी ने वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन सिंधु ने कोई गलती नहीं की और 21-17 के समान अंतर से दूसरा सेट भी जीत लिया। महज 50 मिनट में मुकाबला समाप्त करते हुए उन्होंने जापान ओपन की ट्रॉफी अपने नाम कर ली।
सेमीफाइनल में ओलंपिक चैंपियन को हराकर बनाई थी फाइनल की राहफाइनल से पहले सेमीफाइनल में पीवी सिंधु का सामना चीन की ओलंपिक चैंपियन चेन युफेई से हुआ था। सिंधु ने पहले सेट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 21-19 से जीत दर्ज की थी। दूसरे सेट में भी वह 15-10 की बढ़त पर थीं, तभी चेन युफेई हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण मुकाबला पूरा किए बिना कोर्ट छोड़ने को मजबूर हो गईं, जिससे सिंधु ने फाइनल में प्रवेश किया। वहीं क्वार्टर फाइनल में उन्हें वॉकओवर मिलने का भी फायदा मिला था।
इस ऐतिहासिक जीत का असर अब सिंधु की विश्व रैंकिंग पर भी देखने को मिल सकता है। जापान ओपन सुपर-750 जैसे प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में खिताब जीतने से उनकी रैंकिंग में सुधार होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अगले साल होने वाले एशियन गेम्स 2026 के लिए उनका आत्मविश्वास भी काफी बढ़ा है और अब उनसे पदक की उम्मीदें पहले से कहीं अधिक मजबूत मानी जा रही हैं।