हार के बाद शुभमन गिल ने बताया कहां हुई चूक, खराब बल्लेबाजी को ठहराया सबसे बड़ा कारण

भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 16 जुलाई को कार्डिफ में खेला गया, जिसमें मेजबान इंग्लैंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को 4 विकेट से हरा दिया। इस जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली। टॉस गंवाने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम 44 ओवर में 233 रन बनाकर सिमट गई। जवाब में इंग्लैंड ने अनुभवी बल्लेबाज जो रूट की नाबाद 99 रन की पारी की बदौलत 44.1 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।

मैच समाप्त होने के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल हार से काफी निराश नजर आए। उन्होंने माना कि टीम की बल्लेबाजी, खासकर मध्य ओवरों में लगातार विकेट गंवाना, हार की सबसे बड़ी वजह बना। गिल का कहना था कि अच्छी शुरुआत मिलने के बावजूद भारतीय टीम उस स्थिति का फायदा नहीं उठा सकी।

'300 से ज्यादा रन बनाने की स्थिति में थे'

मैच के बाद प्रेजेंटेशन समारोह में शुभमन गिल ने कहा कि यह हार टीम के लिए काफी निराशाजनक रही। उनके मुताबिक शुरुआती 25 ओवर के बाद ऐसा लग रहा था कि भारत आसानी से 300 से 310 रन के बीच का स्कोर खड़ा कर सकता है।

गिल ने कहा कि टीम मजबूत स्थिति में थी, लेकिन बीच के ओवरों में लगातार विकेट गिरने से पूरी पारी की दिशा बदल गई। उन्होंने माना कि निचले मध्यक्रम से बेहतर योगदान की उम्मीद थी, लेकिन बल्लेबाज उस जिम्मेदारी को निभाने में सफल नहीं रहे।

भारतीय कप्तान ने कहा कि टीम को मिली शानदार शुरुआत का पूरा फायदा नहीं उठाया जा सका। हालांकि उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में यदि टीम ऐसी स्थिति में पहुंचेगी तो बल्लेबाज छोटी-छोटी साझेदारियां बनाकर बड़ी पारी की नींव रखने की कोशिश करेंगे।
गेंदबाजी रणनीति पर भी पड़ा असर

अपने विकेट को लेकर पूछे गए सवाल पर शुभमन गिल ने कहा कि कवर क्षेत्र में सीधा शॉट खेलकर आउट होना निश्चित रूप से निराशाजनक था। उन्होंने माना कि वह अपनी पारी को और लंबा खींच सकते थे, जिससे टीम बड़े स्कोर तक पहुंच सकती थी।

गिल ने ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर की चोट पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने बताया कि सुंदर टीम के महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में शामिल हैं और बल्लेबाजी के दौरान मिड-ऑफ की ओर रन लेते समय उन्हें चोट लगी थी। कप्तान के अनुसार इस घटना का टीम के प्रदर्शन पर कुछ हद तक असर पड़ा।

उन्होंने कहा कि सुंदर के मैदान से बाहर होने के कारण टीम को पूरी पारी में अपने प्रमुख गेंदबाजों पर अधिक निर्भर रहना पड़ा। हालांकि उनका मानना है कि तेज गेंदबाजों के लिए परिस्थितियां अनुकूल थीं, इसलिए इससे बहुत बड़ा अंतर नहीं पड़ा। फिर भी किसी अहम खिलाड़ी की अनुपस्थिति में टीम की रणनीति बदलनी पड़ती है और यह तय करना होता है कि कौन गेंदबाजी करेगा। गिल ने स्वीकार किया कि इस बदलाव का असर टीम की लय और योजनाओं पर जरूर देखने को मिला।