आईपीएल 2026 में पंजाब किंग्स की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। धर्मशाला में खेले गए मुकाबले में दिल्ली कैपिटल्स ने पंजाब को 3 विकेट से हराकर उसकी लगातार चौथी हार दर्ज करा दी। पंजाब किंग्स ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 210 रन जैसा बड़ा स्कोर खड़ा किया था, लेकिन इसके बावजूद टीम अपने गेंदबाजों और कुछ प्रमुख खिलाड़ियों के खराब प्रदर्शन की वजह से मैच नहीं बचा सकी। दिल्ली ने 19वें ओवर की आखिरी गेंद पर लक्ष्य हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के बाद पंजाब की रणनीति, बल्लेबाजी क्रम और गेंदबाजी चयन पर सवाल उठने लगे हैं।
आइए जानते हैं उन पांच खिलाड़ियों के बारे में, जिनका प्रदर्शन पंजाब किंग्स की हार का सबसे बड़ा कारण बना।
प्रभसिमरन सिंह ने धीमी बल्लेबाजी से बढ़ाया दबावपंजाब की शुरुआत भले ही ठीक रही हो, लेकिन प्रभसिमरन सिंह की धीमी पारी टीम पर भारी पड़ गई। एक छोर पर प्रियांश आर्या तेजी से रन बना रहे थे, जबकि प्रभसिमरन रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आए। धर्मशाला जैसी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर उनसे तेज शुरुआत की उम्मीद थी, लेकिन वह लय में दिखाई नहीं दिए। उन्होंने 15 गेंदों में सिर्फ 18 रन बनाए और उनका स्ट्राइक रेट 120 का रहा, जो इस हाई स्कोरिंग मुकाबले के हिसाब से काफी कम माना जाएगा।
मैच के बाद कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी माना कि टीम करीब 30 से 35 रन कम बना पाई। ऐसे में अगर प्रभसिमरन शुरुआत से आक्रामक बल्लेबाजी करते, तो पंजाब और बड़ा स्कोर खड़ा कर सकता था। यही वजह रही कि उनकी पारी टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुई।
मार्कस स्टोइनिस हर विभाग में फ्लॉप रहेऑस्ट्रेलियाई ऑलराउंडर मार्कस स्टोइनिस इस मुकाबले में पंजाब के सबसे बड़े निराशाजनक खिलाड़ी साबित हुए। उनसे टीम को बड़े शॉट्स और उपयोगी गेंदबाजी दोनों की उम्मीद थी, लेकिन वह दोनों ही जिम्मेदारियों में असफल रहे। बल्लेबाजी में स्टोइनिस सिर्फ 2 गेंदों में 1 रन बनाकर आउट हो गए और टीम को फिनिशिंग टच देने में नाकाम रहे।
इसके बाद गेंदबाजी में भी उनका प्रदर्शन बेहद खराब रहा। स्टोइनिस ने 3 ओवर में 44 रन लुटा दिए। हालांकि उन्हें एक विकेट मिला, लेकिन उनकी इकोनॉमी लगभग 15 रन प्रति ओवर रही। दिल्ली के बल्लेबाजों ने उनके ओवरों को खुलकर निशाना बनाया, जिसका असर मैच के नतीजे पर साफ दिखाई दिया।
शशांक सिंह का जल्दी आउट होना पड़ा भारीमध्यक्रम में तेज रन बनाने की जिम्मेदारी शशांक सिंह के कंधों पर थी, लेकिन वह पूरी तरह फ्लॉप रहे। नंबर छह पर बल्लेबाजी करने उतरे शशांक सिर्फ एक गेंद खेलकर बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। उनके जल्दी आउट होने से पंजाब की रन गति पर अचानक ब्रेक लग गया।
आखिरी ओवरों में जहां बड़े शॉट्स की जरूरत थी, वहां शशांक का विकेट दिल्ली के लिए राहत लेकर आया। पिछले कुछ मुकाबलों से भी उनका बल्ला शांत नजर आ रहा है और यही पंजाब की चिंता बढ़ा रहा है। अगर शशांक अंत तक टिकते, तो पंजाब का स्कोर और भी बड़ा हो सकता था।
यश ठाकुर की महंगी गेंदबाजी ने बिगाड़ा खेलइस मुकाबले में पंजाब किंग्स ने यश ठाकुर पर भरोसा जताया, लेकिन वह टीम की उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। उन्होंने अपने 4 ओवर के स्पेल में 55 रन खर्च कर दिए। भले ही उनके खाते में दो विकेट आए, लेकिन उनकी गेंदबाजी में नियंत्रण बिल्कुल नजर नहीं आया।
खासतौर पर डेथ ओवर्स में यश ठाकुर काफी महंगे साबित हुए। दिल्ली के बल्लेबाजों ने उनकी गेंदों पर लगातार बड़े शॉट लगाए। उनका इकोनॉमी रेट 13.18 का रहा, जो टी20 क्रिकेट में बेहद खराब माना जाता है। आखिरी ओवरों में उनकी लचर गेंदबाजी ने दिल्ली की जीत आसान बना दी।
बेन ड्वार्शुइस भी नहीं रोक सके रनतेज गेंदबाज बेन ड्वार्शुइस का प्रदर्शन भी पंजाब की हार की बड़ी वजहों में शामिल रहा। उन्होंने 4 ओवर में 51 रन खर्च कर दिए और सिर्फ एक विकेट हासिल किया। दिल्ली के बल्लेबाजों ने उनके खिलाफ भी खुलकर रन बटोरे और पंजाब को मैच में वापसी का मौका नहीं दिया।
उनकी गेंदबाजी में न तो विविधता नजर आई और न ही दबाव बनाने की क्षमता। जब टीम को अनुभवी गेंदबाज से कसी हुई गेंदबाजी की जरूरत थी, तब बेन काफी महंगे साबित हुए। उनकी 12.80 की इकोनॉमी पंजाब की मुश्किलों को और बढ़ाने वाली रही।
इन खिलाड़ियों के अलावा कप्तान श्रेयस अय्यर की कप्तानी भी सवालों के घेरे में रही। गेंदबाजों का सही इस्तेमाल और दबाव के समय रणनीति में बदलाव करने में पंजाब की टीम पीछे नजर आई। यही कारण रहा कि 210 रन बनाने के बावजूद टीम मुकाबला नहीं बचा सकी।
लगातार चौथी हार के बाद अब पंजाब किंग्स के लिए प्लेऑफ की राह मुश्किल होती जा रही है। अगर टीम को आगे बढ़ना है, तो उसके स्टार खिलाड़ियों को जल्द फॉर्म में लौटना होगा और गेंदबाजों को अपनी लय वापस हासिल करनी होगी।