IPL 2026 के एक बेहद रोमांचक मुकाबले में मुंबई इंडियंस (MI) ने गुरुवार को पंजाब किंग्स (PBKS) को 6 विकेट से मात दे दी। इस हार के साथ पंजाब किंग्स को लगातार पांचवीं हार झेलनी पड़ी है। टीम 13 अंकों के साथ फिलहाल अंक तालिका में चौथे स्थान पर बनी हुई है। दूसरी ओर, मुंबई इंडियंस ने 12 मैचों में अपनी चौथी जीत दर्ज की है, हालांकि यह टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है। टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी पंजाब ने 20 ओवर में 8 विकेट के नुकसान पर 200 रन बनाए, जिसके जवाब में मुंबई ने 19.5 ओवर में लक्ष्य हासिल कर लिया।
धर्मशाला में खेले गए इस हाई-वोल्टेज मुकाबले के दौरान एक बार फिर क्रिकेट के नियमों को लेकर बहस तेज हो गई। अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने मैच के बाद एक गंभीर मुद्दा उठाते हुए खेल के नियमों में मौजूद खामी की ओर ध्यान दिलाया। उनके अनुसार पंजाब किंग्स को अंतिम गेंद पर एक महत्वपूर्ण रन का नुकसान झेलना पड़ा, जो सीधे तौर पर नियमों की जटिलता और अंपायरिंग फैसले से जुड़ा हुआ था।
पूरा विवाद पारी की आखिरी गेंद पर हुआ, जब विष्णु विनोद ने जसप्रीत बुमराह की गेंद पर स्कूप शॉट खेलने का प्रयास किया। गेंद बल्ले से संपर्क में नहीं आई और सीधे उनके पैड से टकरा गई। इसी दौरान बल्लेबाजों ने तेजी से दौड़कर एक रन पूरा कर लिया। लेकिन उसी समय अंपायर ने LBW की जोरदार अपील को स्वीकार करते हुए बल्लेबाज को आउट करार दे दिया। इसके बाद बल्लेबाज ने तुरंत DRS लिया, जिससे मामला पूरी तरह बदल गया।
रिप्ले में साफ हो गया कि बल्लेबाज आउट नहीं था और अंपायर का फैसला गलत था, जिसके चलते निर्णय पलट दिया गया। लेकिन ICC के मौजूदा नियमों के अनुसार जैसे ही अंपायर आउट देता है, गेंद को ‘डेड बॉल’ मान लिया जाता है। इसी कारण फैसला बदलने के बावजूद पंजाब किंग्स को वह लेग-बाय का एक रन वापस नहीं मिला, जिससे टीम को सीधा नुकसान हुआ।
इस विवादित स्थिति पर रविचंद्रन अश्विन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि एक गलत फैसले की वजह से पंजाब किंग्स को उनका जायज रन नहीं मिल सका और इस नियम में तुरंत सुधार की जरूरत है। अश्विन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए कहा कि ऐसे मामलों से खेल की निष्पक्षता प्रभावित होती है।
अश्विन ने आगे सुझाव देते हुए IPL प्रबंधन को भी इस दिशा में कदम उठाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जिस तरह IPL का ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ नियम खुद लीग ने लागू किया है, उसी तरह DRS के बाद बदले फैसले में छूटे हुए रन को जोड़ने का नियम भी IPL को अपने स्तर पर लागू करना चाहिए। उनके अनुसार इसके लिए ICC के निर्णय का इंतजार करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि तकनीकी सुधारों को घरेलू स्तर पर भी अपनाया जा सकता है।