तीसरे टेस्ट के अंतिम दिन भारत को जीत दिलाने के लिए अगर किसी बल्लेबाज़ से सबसे ज्यादा उम्मीदें हैं, तो वह हैं केएल राहुल। यह मानना है टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले का। लॉर्ड्स टेस्ट के चौथे दिन का खेल खत्म होने तक केएल राहुल नाबाद लौटे और इस दौरान जब दूसरे छोर से विकेट गिरते रहे, तब भी उन्होंने संयम नहीं खोया। भारत को अभी 135 रन और बनाने हैं और उसके पास 6 विकेट बाकी हैं। ऐसे में राहुल की भूमिका निर्णायक साबित हो सकती है।
दूसरी पारी में इंग्लैंड की टीम को 192 रन पर समेटने के बाद भारत के पास नियंत्रण था, लेकिन दिन के अंतिम सत्र में कुछ अहम विकेट गिरने से इंग्लैंड को थोड़ी बढ़त मिल गई। मौसम की स्थिति और पिच में उभरती असमान उछाल ने भारतीय टीम के सामने लक्ष्य को चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
अनिल कुंबले का आकलनजियोहॉटस्टार से बातचीत में अनिल कुंबले ने ज़ोर दिया कि अगर भारत को सीरीज़ में 2-1 की बढ़त लेनी है, तो राहुल को आख़िरी तक टिके रहना होगा। उन्होंने कहा, केएल राहुल इस लक्ष्य का पीछा करने में भारत के मुख्य खिलाड़ी होंगे। उन्हें न सिर्फ अच्छी शुरुआत देनी होगी, बल्कि अंत तक टिके रहना होगा।
कुंबले ने स्वीकार किया कि राहुल की शुरुआत थोड़ी संघर्षपूर्ण रही और उन्हें एक जीवनदान भी मिला जब क्रिस वोक्स उनका कैच नहीं पकड़ पाए। लेकिन इसके बाद राहुल का खेल बेहतर होता गया।
कुंबले ने कहा, शुरुआत में वो थोड़ा असहज लग रहे थे, ठीक वैसे ही जैसे जो रूट गेंदों का पीछा करते हैं। तभी एक मौका भी बना जिसे वोक्स ने छोड़ दिया। लेकिन इसके बाद राहुल ने गेंद का इंतज़ार करना शुरू किया और पूरी तरह नियंत्रण में नजर आए, जैसा उन्होंने पहली पारी में भी किया था।
पहली पारी में शतक जड़ चुके हैं राहुलकेएल राहुल ने पहली पारी में शानदार शतक लगाया था, और अब दूसरी पारी में भी उनका शांतचित्त अंदाज भारत को लक्ष्य तक पहुंचाने की उम्मीद जगा रहा है। दबाव भरे हालात में राहुल का क्रीज पर टिके रहना भारतीय पारी की स्थिरता के लिए अहम होगा।
चौथे दिन का खेल नाइटवॉचमैन आकाश दीप के आउट होने के साथ समाप्त हुआ, जिन्हें बेन स्टोक्स ने बोल्ड कर दिया। अब जब पांचवे दिन का खेल शुरू होगा, तो भारत की नज़र होगी फिर से नियंत्रण पाने और लक्ष्य को पूरी सावधानी व समझदारी के साथ हासिल करने पर।
यह मुकाबला न सिर्फ सीरीज़ का रुख तय कर सकता है, बल्कि यह भी दिखाएगा कि टीम इंडिया दबाव के क्षणों में कितना परिपक्व प्रदर्शन कर सकती है – और इस मोर्चे पर केएल राहुल की भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है।