केकेआर से भी सबक नहीं लिया एसआरएच ने, काव्या मारन का यह फैसला पड़ सकता है भारी

बीसीसीआई ने आईपीएल 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। टूर्नामेंट का पहला मुकाबला 28 मार्च को रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच खेला जाएगा। इसी बीच इंग्लैंड की लोकप्रिय फ्रेंचाइजी लीग ‘द हंड्रेड’ के लिए गुरुवार को खिलाड़ियों की नीलामी आयोजित की गई, जिसमें कई भारतीय मालिकों की टीमें भी शामिल थीं। इस ऑक्शन के दौरान काव्या मारन की टीम सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के स्पिनर अबरार अहमद को खरीद लिया। इस फैसले के बाद सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में बहस तेज हो गई है। कई लोग मान रहे हैं कि यह निर्णय आगे चलकर टीम और फ्रेंचाइजी के लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

द हंड्रेड में सनराइजर्स लीड्स ने अबरार अहमद पर लगाई बोली


इंग्लैंड की ‘द हंड्रेड’ लीग को कई लोग आईपीएल का ब्रिटिश संस्करण भी कहते हैं। यह भी एक फ्रेंचाइजी आधारित टूर्नामेंट है, हालांकि इसके नियम पारंपरिक टी20 क्रिकेट से थोड़े अलग हैं। इस लीग में कुल आठ टीमें हिस्सा लेती हैं, जिनमें से एक सनराइजर्स लीड्स भी है। यही फ्रेंचाइजी आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के नाम से जानी जाती है और इसकी मालिक काव्या मारन हैं।

गुरुवार शाम को हुए ऑक्शन में सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के मिस्ट्री स्पिनर अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल कर लिया। बताया जा रहा है कि उन्हें करीब 2 करोड़ 30 लाख रुपये की कीमत में खरीदा गया है। हालांकि नीलामी में बोली पाउंड में लगाई गई थी, लेकिन भारतीय मुद्रा में यह रकम लगभग इतनी बैठती है। यह डील सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा और विवाद शुरू हो गया।
केकेआर और मुस्तफिजुर रहमान का मामला अभी भी याद है

क्रिकेट जगत में यह पहला मौका नहीं है जब किसी फ्रेंचाइजी के विदेशी खिलाड़ी को लेकर विवाद खड़ा हुआ हो। इससे पहले आईपीएल की नीलामी में कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम में शामिल किया था।

उस समय बांग्लादेश में राजनीतिक और सामाजिक हालात को लेकर विवाद चल रहा था और वहां हिंदू समुदाय पर हमलों की खबरें सामने आ रही थीं। इसी वजह से भारत में केकेआर के इस फैसले को लेकर काफी विरोध हुआ। आलोचकों का कहना था कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार की खबरें आ रही हैं, तब उसी देश के खिलाड़ी को करोड़ों रुपये देकर टीम में शामिल करना गलत संदेश देता है। बढ़ते विरोध के बीच आखिरकार केकेआर ने मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज करने का फैसला कर लिया था।

टी20 विश्व कप से पहले बढ़ा था विवाद

मुस्तफिजुर रहमान को टीम से बाहर किए जाने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड भी इस मामले में सक्रिय हो गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक उस समय बांग्लादेश ने भारत में होने वाले टी20 विश्व कप 2026 के लिए अपनी टीम भेजने पर भी आपत्ति जताई थी।

काफी समय तक दोनों देशों के क्रिकेट बोर्डों के बीच बातचीत का दौर चला, लेकिन स्थिति तुरंत सामान्य नहीं हो सकी। बाद में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) को इस पूरे मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा। चर्चा यह भी रही कि विवाद के चलते बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को टूर्नामेंट में शामिल किया गया। इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत में काफी हलचल मचा दी थी और लंबे समय तक इसकी चर्चा होती रही।

अबरार अहमद को लेकर भी बढ़ सकती है बहस

मुस्तफिजुर रहमान तो बांग्लादेश के खिलाड़ी थे, फिर भी उस मुद्दे ने काफी बड़ा रूप ले लिया था। ऐसे में अब जब सनराइजर्स लीड्स ने पाकिस्तान के खिलाड़ी अबरार अहमद को अपनी टीम में शामिल किया है, तो विवाद और गहरा होने की संभावना जताई जा रही है।

कुछ लोगों का कहना है कि जब भारत और पाकिस्तान के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते अक्सर तनावपूर्ण रहते हैं, तब इस तरह का फैसला चर्चा और आलोचना दोनों को जन्म दे सकता है। इसके अलावा सोशल मीडिया पर यह भी याद दिलाया जा रहा है कि भारत द्वारा ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाए जाने के दौरान अबरार अहमद ने कथित रूप से विवादित पोस्ट साझा किए थे।

इसी वजह से माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और तूल पकड़ सकता है। संभव है कि आईपीएल सीजन के दौरान भी सनराइजर्स हैदराबाद और उसकी मालिक काव्या मारन को इस फैसले को लेकर सवालों और आलोचनाओं का सामना करना पड़े। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला आगे किस दिशा में जाता है और फ्रेंचाइजी इस पर क्या रुख अपनाती है।