‘टैलेंट स्काउट्स भी रह गए दंग’, वैभव सूर्यवंशी पर बड़ा दांव लगाने के लिए RR ने पहले ही तैयार कर लिए थे 10 करोड़ रुपये

आईपीएल 2026 का यह सीजन वैसे तो बड़े नामों और बड़े रिकॉर्ड्स के लिए जाना जा रहा है, लेकिन जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा चर्चा बटोरी है, वह है महज 15 साल का वैभव सूर्यवंशी। राजस्थान रॉयल्स (RR) की ओर से खेलते हुए इस किशोर बल्लेबाज ने मैदान पर ऐसा प्रभाव छोड़ा है कि हर मुकाबले में दर्शकों की नजरें बस उन्हीं पर टिक जाती हैं। दुनिया के खतरनाक गेंदबाजों के सामने जिस निडरता के साथ वह बल्लेबाजी करते हैं, उसने क्रिकेट जगत को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि प्रतिभा की कोई उम्र नहीं होती।

वैभव की बल्लेबाजी इस पूरे सीजन में किसी सनसनी से कम नहीं रही है। उनके शानदार फुटवर्क, टाइमिंग और बिना किसी झिझक के बड़े शॉट खेलने की क्षमता ने उन्हें रातों-रात आईपीएल 2026 का सबसे चर्चित युवा खिलाड़ी बना दिया है। लेकिन यह कहानी सिर्फ उनके प्रदर्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ी तैयारी और दूरदर्शिता भी छिपी हुई है। राजस्थान रॉयल्स ने इस उभरती प्रतिभा को पहचानने से पहले ही एक बड़ा रणनीतिक कदम उठा लिया था।

राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट डायरेक्टर जुबिन भरूचा के अनुसार, जब टीम के स्काउट्स ने पहली बार वैभव को ट्रायल्स में खेलते देखा, तभी फ्रेंचाइजी को यह साफ हो गया था कि यह खिलाड़ी असाधारण है। इसी वजह से नीलामी से पहले ही लगभग 10 करोड़ रुपये का बजट अलग रख दिया गया था, ताकि किसी भी कीमत पर इस प्रतिभा को टीम में शामिल किया जा सके। हैरानी की बात यह है कि वैभव ने अभी तक भारतीय सीनियर टीम के लिए डेब्यू भी नहीं किया है, लेकिन उनकी चर्चा पहले से ही एक बड़े सितारे की तरह होने लगी है।

वैभव का खेलने का अंदाज इतना स्वाभाविक और विस्फोटक है कि सोशल मीडिया पर फैंस मजाक में उनकी तुलना आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से करने लगे हैं। कुछ दर्शक तो यहां तक कहते हैं कि शायद उनके बल्ले में कोई खास तकनीक या चिप लगी है। वहीं दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी भी उनके खेल को देखकर प्रभावित हो रहे हैं। इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जोस बटलर जैसे अनुभवी खिलाड़ी भी उनके प्रदर्शन को देखकर मुस्कुराते हुए यह कहते नजर आते हैं कि यह लड़का किसी अलग ही स्तर पर खेल रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि वैभव जैसी प्रतिभा बेहद कम देखने को मिलती है, जो भविष्य में खेल का चेहरा बदल सकती है।

इस असाधारण खिलाड़ी की शुरुआत बिहार के क्रिकेट मैदानों से हुई, जहां उनके खेल ने स्थानीय स्तर पर ही लोगों का ध्यान खींचना शुरू कर दिया था। राजस्थान रॉयल्स के टैलेंट स्काउट समर कादरी, जो खुद झारखंड और बिहार के घरेलू क्रिकेट से जुड़े रहे हैं, आज भी उस पल को याद करते हैं जब उन्होंने पहली बार वैभव का नाम सुना था।

कादरी बताते हैं कि जब उन्होंने पहली बार 13 साल की उम्र में उस नन्हे बल्लेबाज को नेट्स में खेलते देखा, तो उनके शॉट्स ने उन्हें पूरी तरह चौंका दिया। गेंद को टाइम करने और उसे मैदान के हर कोने में भेजने की उनकी क्षमता इतनी प्रभावशाली थी कि अनुभवी स्काउट्स भी हैरान रह गए। उसी दिन से यह तय हो गया था कि यह खिलाड़ी कुछ बड़ा करने वाला है।
“जहां चाहा, गेंद वहीं चली गई” – नेट्स में वैभव सूर्यवंशी का ऐसा अंदाज कि दंग रह गए समर कादरी

वैभव सूर्यवंशी की असाधारण प्रतिभा का असली अंदाजा तब लगा जब राजस्थान रॉयल्स के अनुभवी लेग स्पिनर और स्काउट समर कादरी ने पहली बार उन्हें नेट्स में गेंदबाजी की। यह सिर्फ एक अभ्यास सत्र नहीं था, बल्कि एक ऐसे युवा बल्लेबाज से पहली मुलाकात थी, जिसने अपनी बल्लेबाजी से हर किसी की सोच बदल दी। कादरी, जो खुद प्रथम श्रेणी क्रिकेट का अनुभव रखते हैं, आज भी उस पल को याद कर हैरानी जताते हैं जब उन्होंने पहली बार इस 15 साल के खिलाड़ी का सामना किया था।

समर कादरी ने बाद में Wisden Cricket पर उस अनुभव को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने पटना में वैभव के बारे में काफी सुना था—एक ऐसा बच्चा जो उम्र से कहीं ज्यादा परिपक्व बल्लेबाजी करता है। लेकिन जब उन्होंने खुद उसे गेंद डाली, तो पूरा अंदाज बदल गया। कादरी के मुताबिक, “मैंने जैसे ही गेंद फेंकी, उसने उसे कवर्स के ऊपर से इतने जोरदार तरीके से खेला कि मैं कुछ सेकंड तक समझ ही नहीं पाया कि क्या हुआ।”

कादरी आगे बताते हैं कि एक लेग स्पिनर होने के नाते उन्हें बाएं हाथ के बल्लेबाजों को फंसाने का अनुभव है, लेकिन वैभव के सामने उनकी सारी रणनीतियां बेअसर लग रही थीं। उनका कहना था कि इस उम्र में इतनी साफ तकनीक और इतना निडर शॉट सिलेक्शन उन्होंने बहुत कम देखा है। वैभव का बैटिंग लेवल सामान्य युवा खिलाड़ियों से काफी आगे नजर आता है।

इस मुलाकात के बाद समर कादरी इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने तुरंत राजस्थान रॉयल्स के क्रिकेट डायरेक्टर जुबिन भरूचा को फोन कर वैभव के बारे में विस्तार से बताया। कादरी ने साफ शब्दों में कहा था, “सर, बिहार में एक लड़का है वैभव सूर्यवंशी, आपको उसे एक बार जरूर देखना चाहिए।” इसी एक सुझाव ने आगे चलकर पूरी कहानी बदल दी।

इसके बाद जब वैभव को चेन्नई में ट्रायल्स के लिए बुलाया गया, तो वहां मौजूद सभी टैलेंट स्काउट्स पूरी तरह स्तब्ध रह गए। बताया जाता है कि उस समय महज 13-14 साल के इस खिलाड़ी ने नेट्स में 60 गेंदों पर 150 से ज्यादा रन ठोक दिए थे। उनकी बल्लेबाजी में न कोई घबराहट थी और न ही किसी तरह का दबाव, बस लगातार गेंद को सीमा रेखा के पार भेजने का आत्मविश्वास था।

समर कादरी के अनुसार, वैभव का स्वभाव बेहद शांत और सहज है। उन्हें मैदान पर सिर्फ अपना खेल खेलने से मतलब है, किसी तरह के दिखावे या दबाव में आने की आदत नहीं है। यही बात उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है।

कादरी का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी की क्षमता की कोई सीमा नहीं है और वह आने वाले वर्षों में भारतीय क्रिकेट के लंबे समय तक अहम स्तंभ बन सकते हैं। खास बात यह है कि वैभव को रेड-बॉल क्रिकेट से भी गहरा लगाव है और उनकी सोच बेहद साफ और परिपक्व है।

वैभव ने एक बार अपने आत्मविश्वास को शब्दों में बयां करते हुए कहा था, “फील्डर्स चाहे जहां भी खड़े हों, गेंद को मैं वहीं मारता हूं जहां मैं चाहता हूं।” यही निडर सोच, बेखौफ अंदाज और लगातार बेहतर करने की भूख उन्हें भविष्य का बड़ा सुपरस्टार बनने की ओर ले जाती है।