आईपीएल 2026 का लीग चरण अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है और प्लेऑफ की जंग लगातार दिलचस्प होती जा रही है। टूर्नामेंट में अब केवल 13 मुकाबले बाकी रह गए हैं, लेकिन अभी तक किसी भी टीम ने आधिकारिक तौर पर प्लेऑफ में जगह पक्की नहीं की है। अंक तालिका में मजबूत स्थिति में मौजूद गुजरात टाइटंस और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु 16-16 अंकों तक पहुंच चुकी हैं, फिर भी उन्हें अंतिम चार का टिकट नहीं मिला है।
आमतौर पर आईपीएल के इतिहास में 16 अंक हासिल करने वाली टीमों को प्लेऑफ का दावेदार लगभग तय माना जाता रहा है, लेकिन इस बार समीकरण पूरी तरह अलग दिखाई दे रहे हैं। RCB और KKR के मुकाबले के बाद अब प्लेऑफ की दौड़ बेहद सीमित हो गई है। कुछ टीमों की उम्मीदें लगभग खत्म हो चुकी हैं, जबकि शीर्ष चार की लड़ाई में अब भी कई टीमें मजबूती से बनी हुई हैं।
RCB को क्या करना होगा?रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खाते में फिलहाल 16 अंक हैं और टीम को अभी दो मुकाबले और खेलने हैं। आंकड़ों के अनुसार RCB के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना लगभग 99 प्रतिशत मानी जा रही है। इतना ही नहीं, टीम के टॉप-2 में खत्म करने के चांस भी काफी मजबूत हैं।
अगर बेंगलुरु अपने बचे हुए दो मैचों में से सिर्फ एक भी जीत लेती है, तो उसका प्लेऑफ में पहुंचना लगभग तय हो जाएगा। साथ ही टॉप-2 में जगह बनाने की संभावना भी बेहद मजबूत हो जाएगी, जिससे टीम को क्वालिफायर-1 खेलने का फायदा मिल सकता है।
गुजरात सबसे मजबूत स्थिति मेंगुजरात टाइटंस इस समय अंक तालिका में बेहद संतुलित स्थिति में नजर आ रही है। टीम के पास अभी दो मैच बाकी हैं और वह अधिकतम 20 अंकों तक पहुंच सकती है। मौजूदा समीकरणों के मुताबिक गुजरात के टॉप-4 में रहने की संभावना 99.7 प्रतिशत तक मानी जा रही है।
इतना ही नहीं, टीम के पहले या दूसरे स्थान पर रहने के चांस भी 82 प्रतिशत से ज्यादा बताए जा रहे हैं। लगातार संतुलित प्रदर्शन और मजबूत नेट रनरेट ने गुजरात को बाकी टीमों के मुकाबले अधिक सुरक्षित स्थिति में पहुंचा दिया है।
सनराइजर्स और पंजाब की उम्मीदें बरकरारसनराइजर्स हैदराबाद अभी भी प्लेऑफ की दौड़ में मजबूती से बनी हुई है। टीम के टॉप-4 में पहुंचने की संभावना करीब 77 प्रतिशत मानी जा रही है। हालांकि टॉप-2 में जगह बनाने की संभावना अपेक्षाकृत कम है। हैदराबाद को अभी दो मुकाबले खेलने हैं और दोनों मैच उनके लिए बेहद अहम साबित होंगे।
वहीं पंजाब किंग्स के पास अभी तीन मैच बाकी हैं और टीम अधिकतम 19 अंकों तक पहुंच सकती है। पंजाब के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना लगभग 63.6 प्रतिशत बताई जा रही है। हालांकि टॉप-2 में जगह बनाना उनके लिए आसान नहीं होगा, क्योंकि इसके लिए उन्हें लगभग सभी मुकाबले बड़े अंतर से जीतने होंगे।
CSK और राजस्थान की राह मुश्किलचेन्नई सुपर किंग्स की स्थिति अभी पूरी तरह सुरक्षित नहीं मानी जा सकती। टीम के प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना करीब 53 प्रतिशत बताई जा रही है। CSK को अपने बाकी मुकाबले लखनऊ सुपर जाएंट्स, सनराइजर्स हैदराबाद और गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेलने हैं।
इनमें से आखिरी दो मुकाबले टीम के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण माने जा रहे हैं। चेन्नई के टॉप-2 में पहुंचने की संभावना केवल 19 प्रतिशत के आसपास है, ऐसे में उसे अपने बचे हुए मैच हर हाल में जीतने होंगे।
दूसरी तरफ राजस्थान रॉयल्स की स्थिति भी कुछ खास मजबूत नहीं है। टीम पिछले सात मुकाबलों में से पांच हार चुकी है, जिसका सीधा असर उसके प्लेऑफ समीकरण पर पड़ा है। राजस्थान के पास अभी 12 अंक हैं और उसे तीन मैच और खेलने हैं। हालांकि टीम के टॉप-4 में पहुंचने की संभावना अब भी करीब 53 प्रतिशत बनी हुई है, लेकिन टॉप-2 की उम्मीदें बेहद कमजोर दिखाई दे रही हैं।
KKR और दिल्ली लगभग बाहररॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के खिलाफ हार के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स की मुश्किलें लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई हैं। KKR की प्लेऑफ में पहुंचने की संभावना घटकर केवल 2.6 प्रतिशत रह गई है। ऐसे में टीम का आगे का सफर अब लगभग नामुमकिन नजर आ रहा है।
दिल्ली कैपिटल्स की स्थिति भी कुछ ऐसी ही बनी हुई है। टीम के टॉप-4 में पहुंचने के चांस मात्र 2.7 प्रतिशत बताए जा रहे हैं। लगातार खराब प्रदर्शन और अहम मुकाबलों में हार ने दिल्ली की राह लगभग बंद कर दी है।
अब छह टीमों के बीच असली लड़ाईमौजूदा हालात को देखते हुए कहा जा सकता है कि आईपीएल 2026 के प्लेऑफ की असली रेस अब सिर्फ छह टीमों के बीच सिमट चुकी है। गुजरात टाइटंस और RCB लगभग क्वालीफाई करने की स्थिति में हैं, जबकि हैदराबाद, पंजाब, चेन्नई और राजस्थान बाकी दो स्थानों के लिए संघर्ष कर रही हैं।
आने वाले मुकाबलों में नेट रनरेट, बड़े अंतर से जीत और हेड-टू-हेड रिकॉर्ड भी अहम भूमिका निभाने वाले हैं। ऐसे में लीग स्टेज का हर मैच अब प्लेऑफ जैसा दबाव लेकर आएगा।