15 फरवरी 2026 को श्रीलंका में खेले गए टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हराकर एक और यादगार जीत दर्ज की। इस परिणाम के बाद पाकिस्तान में मायूसी के साथ-साथ नाराजगी का माहौल भी देखने को मिला। मैच खत्म होने के तुरंत बाद सोशल मीडिया से लेकर सड़कों तक, हर जगह टीम के प्रदर्शन को लेकर चर्चा तेज हो गई।
मैच के बाद पाकिस्तानी यूट्यूबर सना अमजद ने आम क्रिकेट प्रेमियों से बातचीत की। इस दौरान कई प्रशंसकों ने खुलकर अपनी राय रखी और टीम के खेल को लेकर कड़ी आलोचना की।
दबाव में बिखरता नजर आया टॉप ऑर्डरफैंस का मानना था कि पाकिस्तान का शीर्ष क्रम शुरुआत से ही दबाव में दिखा। तेज गेंदबाजों के सामने बल्लेबाज आत्मविश्वास से नहीं खेल पाए। एक विकेट गिरते ही बल्लेबाजी क्रम लड़खड़ाता नजर आया। कुछ प्रशंसकों को उम्मीद थी कि साहिबजादा फरहान पावर प्ले में आक्रामक शुरुआत देंगे और स्कोर को 60-70 रन तक पहुंचाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। लगातार विकेट गिरने से टीम की लय टूट गई और रन गति पर भी असर पड़ा।
ईशान किशन की पारी ने पलटा मैचभारतीय टीम की ओर से ईशान किशन की 77 रन की पारी को मुकाबले का टर्निंग पॉइंट माना गया। शुरुआती झटके के बाद उन्होंने पारी को संभाला और पाकिस्तानी गेंदबाजों पर दबाव बना दिया। कई पाकिस्तानी फैंस ने स्वीकार किया कि उनकी टीम में ऐसा कोई बल्लेबाज नहीं दिखा जो अकेले दम पर मैच की दिशा बदल सके। ईशान की आक्रामक बल्लेबाजी ने स्कोर को उस स्तर तक पहुंचाया, जहां से वापसी मुश्किल हो गई।
कप्तानी और रणनीति पर उठे सवालहार के बाद कप्तानी और टीम मैनेजमेंट पर भी उंगलियां उठीं। कुछ प्रशंसकों ने कहा कि गेंदबाजी बदलावों में स्पष्ट रणनीति की कमी नजर आई। खासकर शाहीन शाह अफरीदी को दूसरे ओवर में गेंद थमाने के फैसले पर बहस छिड़ गई। बल्लेबाजी क्रम को लेकर भी आलोचना हुई। कई लोगों का मानना था कि बाबर आजम टी20 फॉर्मेट की मांग के अनुरूप तेजी से रन नहीं बना पाते, जबकि इस प्रारूप में तेज शुरुआत बेहद अहम होती है।
आंकड़े भी भारत के पक्ष मेंप्रशंसकों ने यह भी स्वीकार किया कि हाल के वर्षों में भारत का रिकॉर्ड पाकिस्तान के खिलाफ बेहतर रहा है। टूर्नामेंट इतिहास में भी भारत का पलड़ा भारी रहा है। लगातार चौथी हार ने निराशा को और गहरा कर दिया है, जिससे टीम के भविष्य को लेकर चिंताएं बढ़ने लगी हैं।
भावनाओं से जुड़ा मुकाबलामुकाबले के अंतिम चरण में कुछ दर्शक स्टेडियम छोड़कर जाते नजर आए, हालांकि कई प्रशंसकों ने आखिरी गेंद तक मैच देखा। उनका कहना था कि भारत–पाकिस्तान मैच सिर्फ क्रिकेट नहीं, बल्कि भावनाओं और गर्व से जुड़ा होता है।
कुल मिलाकर, इस हार ने पाकिस्तान क्रिकेट में आत्मविश्लेषण की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। फैंस का मानना है कि केवल बड़े-बड़े दावों से काम नहीं चलेगा, बल्कि बेहतर योजना, मजबूत मानसिक संतुलन और दबाव की स्थिति में संयमित प्रदर्शन ही टीम को आगे ले जा सकता है।