एशिया कप में पाकिस्तान से मैच पर हरभजन सिंह का सख्त बयान – हमारे जवान जान दे रहे हैं और हम…

पूर्व भारतीय क्रिकेटर हरभजन सिंह ने एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ खेलने के फैसले पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि जब सीमा पर हमारे जवान अपनी जान की बाज़ी लगा रहे हैं, तब क्रिकेट मैच खेलना कोई बड़ी ज़रूरत नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि देशहित सबसे ऊपर है और एक क्रिकेट मैच छोड़ना कोई बड़ी बात नहीं।

हाल ही में जारी एशिया कप के कार्यक्रम के अनुसार, भारत और पाकिस्तान का ग्रुप स्टेज मुकाबला 14 सितंबर को दुबई में खेला जाएगा। अगर दोनों टीमें आगे बढ़ती हैं, तो वे सुपर-4 और फाइनल में भी आमने-सामने आ सकती हैं। यह फैसला उस समय आया है जब पहलगाम आतंकी हमले और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद देश में पाकिस्तान का बहिष्कार करने की मांग ज़ोर पकड़ चुकी है।

हरभजन का बयान

टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में ‘टर्बनेटर’ ने कहा, जो बॉर्डर पर खड़ा है, जिसकी फैमिली महीनों उसे नहीं देख पाती, जो कभी-कभी अपनी जान तक दे देता है और वापस नहीं लौटता, उसका बलिदान सबसे बड़ा है। उसके मुकाबले एक क्रिकेट मैच न खेलना बहुत छोटी बात है। सरकार का भी यही रुख है – ‘खून और पानी साथ नहीं बह सकते।’ जब तक बड़े मुद्दे हल नहीं होते, तब तक क्रिकेट बहुत छोटा मामला है।

उन्होंने आगे कहा कि कोई भी खिलाड़ी, अभिनेता या अन्य शख्स देश से बड़ा नहीं हो सकता। हम जो भी हैं, इस देश की वजह से हैं। देश पहले आता है, बाकी सब बाद में। क्रिकेट मैच न खेलना, देश के लिए बहुत मामूली बात है।

पाकिस्तानी खिलाड़ियों और मीडिया पर निशाना


हरभजन ने मीडिया से भी अपील की कि वे पाकिस्तान से आने वाले बयानों को तवज्जो न दें। उनका कहना था कि अगर हमने पाकिस्तान का बहिष्कार किया है, तो उन्हें टीवी पर दिखाने या उनकी बातों को फैलाने की ज़रूरत नहीं।

उन्होंने कहा, क्रिकेटर्स को भी पाकिस्तान के खिलाड़ियों से हाथ नहीं मिलाना चाहिए। मीडिया को भी उन्हें और उनके रिएक्शन को दिखाने से बचना चाहिए। वे अपने देश में बैठकर जो चाहें कह सकते हैं, लेकिन हमें उन्हें हाइलाइट नहीं करना चाहिए।

हरभजन के इन बयानों ने एक बार फिर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट को लेकर चल रही बहस को हवा दे दी है, खासकर ऐसे समय में जब सीमा पर तनाव और आतंकी हमलों की घटनाएं बढ़ रही हैं।