फीफा वर्ल्ड कप 2026 में 20 जून को खेले गए ग्रुप डी के मुकाबले में पैराग्वे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए तुर्की को 1-0 से मात दे दी। इस अप्रत्याशित जीत के साथ पैराग्वे ने टूर्नामेंट का अब तक का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिखाया, जबकि तुर्की की टीम का विश्व कप अभियान समय से पहले ही समाप्त हो गया। लगातार दूसरी हार झेलने के बाद तुर्की हैती के बाद टूर्नामेंट से बाहर होने वाली दूसरी टीम बन गई है। शुरुआती दोनों मुकाबलों में हार मिलने के कारण अब उसके पास नॉकआउट चरण में पहुंचने की कोई गणितीय संभावना नहीं बची है। दूसरी ओर, पैराग्वे की इस जीत ने ग्रुप की तस्वीर को पूरी तरह बदल दिया है और टीम का मनोबल भी काफी ऊंचा कर दिया है।
मैच की शुरुआत में ही पैराग्वे ने किया बड़ा वारमुकाबले की शुरुआत के साथ ही पैराग्वे ने आक्रामक इरादे जाहिर कर दिए। खेल के दूसरे मिनट में ही टीम को वह सफलता मिल गई, जिसने अंततः मैच का फैसला तय कर दिया। मैच शुरू होने के महज 65 सेकंड बाद मैथियास गलार्जा ने पेनल्टी एरिया के बाहर से जोरदार शॉट लगाया, जिसे तुर्की के गोलकीपर उगुरकान काकिर रोक नहीं सके। गेंद सीधे गोलपोस्ट के अंदर जा पहुंची और पैराग्वे को 1-0 की बढ़त मिल गई।
यह गोल सिर्फ मैच का निर्णायक क्षण ही नहीं रहा, बल्कि टूर्नामेंट का अब तक का सबसे तेज गोल भी बन गया। शुरुआती मिनटों में मिला यह झटका तुर्की के खिलाड़ियों के लिए काफी भारी साबित हुआ, क्योंकि इसके बाद उन्हें पूरे मैच में बराबरी के लिए संघर्ष करना पड़ा।
तुर्की ने बनाए मौके, लेकिन गोल नहीं कर सकीशुरुआती गोल खाने के बाद तुर्की ने मुकाबले में वापसी के लिए पूरी ताकत झोंक दी। कोच विन्सेन्जो मोंटेला की टीम ने गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार पैराग्वे के रक्षात्मक क्षेत्र पर दबाव बनाया। तुर्की के खिलाड़ियों ने कई बार गोल करने के अवसर तैयार किए, लेकिन अंतिम क्षणों में उन्हें सफलता नहीं मिल सकी।
पहले हाफ के 33वें मिनट में मेर्ट मुल्डुर का शानदार हेडर गोलपोस्ट से टकराकर बाहर आ गया, जिससे तुर्की बराबरी करने से चूक गई। इसके बाद भी टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा। दूसरे हाफ में अर्दा गुलेर और केनान यिल्डिज ने कई खतरनाक मूव तैयार किए और पैराग्वे की रक्षा पंक्ति को चुनौती दी, लेकिन गोलकीपर ऑरलैंडो गिल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए हर प्रयास को विफल कर दिया। पैराग्वे के डिफेंडरों ने भी अनुशासित खेल दिखाया और तुर्की को स्कोर करने का कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया।
पहले हाफ के अंत में बढ़ा रोमांच, अल्मिरोन को दिखाया गया रेड कार्डमुकाबले के पहले हाफ के अंतिम क्षणों में एक ऐसा घटनाक्रम देखने को मिला जिसने मैच में नया मोड़ ला दिया। वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) की समीक्षा के बाद पैराग्वे के अनुभवी खिलाड़ी मिगुएल अल्मिरोन को सीधे रेड कार्ड दिखाया गया। रिपोर्ट्स के अनुसार, विरोधी खिलाड़ियों के साथ बहस के दौरान उन्होंने फीफा के नए नियमों का उल्लंघन किया, जिसके चलते रेफरी ने उन्हें मैदान से बाहर भेजने का फैसला लिया।
अल्मिरोन के बाहर होने के बाद पैराग्वे को पूरा दूसरा हाफ सिर्फ 10 खिलाड़ियों के साथ खेलना पड़ा। सामान्य परिस्थितियों में यह किसी भी टीम के लिए बड़ी चुनौती होती, लेकिन पैराग्वे के खिलाड़ियों ने जबरदस्त संयम और अनुशासन का परिचय दिया। संख्या में कम होने के बावजूद उन्होंने तुर्की को बराबरी का गोल करने का मौका नहीं दिया और अपनी बढ़त को अंत तक सुरक्षित रखा।
तुर्की का विश्व कप अभियान हुआ समाप्तइस हार ने तुर्की के लिए टूर्नामेंट के दरवाजे पूरी तरह बंद कर दिए हैं। इससे पहले टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भी हार का सामना करना पड़ा था और अब पैराग्वे के खिलाफ मिली दूसरी लगातार हार ने उसकी उम्मीदों पर विराम लगा दिया है। ग्रुप तालिका में तुर्की सबसे निचले स्थान पर पहुंच गई है और अब उसके पास अगले दौर में पहुंचने का कोई रास्ता नहीं बचा है।
भले ही तुर्की अपने अंतिम ग्रुप मुकाबले में अमेरिका को पराजित कर दे, फिर भी आपसी मुकाबलों और अंक तालिका की स्थिति को देखते हुए वह नॉकआउट चरण की दौड़ में वापसी नहीं कर सकेगी। दूसरी ओर, पैराग्वे ने इस महत्वपूर्ण जीत के साथ अपने अभियान को नई ऊर्जा दी है और यह साबित कर दिया है कि विश्व कप जैसे बड़े मंच पर किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता।