आईपीएल 2026 में चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ हार के बाद दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल काफी निराश नजर आए। इस मुकाबले में मिली शिकस्त के बाद उन्होंने खुलकर बताया कि टीम कहां पीछे रह गई और किस बात का उन्हें सबसे ज्यादा अफसोस है। दिल्ली को इस मैच में 8 विकेट से हार का सामना करना पड़ा, जिसने उनकी प्लेऑफ की उम्मीदों को और मुश्किल में डाल दिया है।
दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए दिल्ली कैपिटल्स ने 155/7 का स्कोर खड़ा किया। हालांकि, चेन्नई सुपर किंग्स ने इस लक्ष्य को बेहद आसानी से हासिल कर लिया और 15 गेंद शेष रहते ही जीत दर्ज कर ली। इस मैच में सबसे ज्यादा चर्चा संजू सैमसन की विस्फोटक पारी की रही, जिन्होंने 52 गेंदों पर नाबाद 87 रन बनाकर मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने अपनी इस पारी में सात चौके और छह छक्के लगाए और प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब भी अपने नाम किया।
मैच के बाद अक्षर पटेल ने माना कि टीम थोड़े से रन पीछे रह गई। उन्होंने कहा कि पिच की स्थिति को देखते हुए उन्हें लगा था कि 155 का स्कोर चुनौतीपूर्ण साबित होगा, लेकिन अगर टीम 10 से 15 रन और जोड़ पाती तो नतीजा अलग हो सकता था। अक्षर के अनुसार शुरुआती ओवरों में बल्लेबाजी करना आसान नहीं था, क्योंकि गेंद रुककर आ रही थी और कभी-कभी नीची भी रह रही थी। वहीं, सेट बल्लेबाजों के लिए रन बनाना अपेक्षाकृत आसान हो गया था, जिसका फायदा चेन्नई के बल्लेबाजों ने उठाया।
दिल्ली की पारी की बात करें तो एक समय टीम काफी दबाव में थी और 69 रन पर ही पांच विकेट गंवा चुकी थी। ऐसा लग रहा था कि टीम 100 रन के आंकड़े तक भी मुश्किल से पहुंच पाएगी, लेकिन निचले क्रम के बल्लेबाजों ने शानदार संघर्ष दिखाया। ट्रिस्टन स्टब्स ने 38 रन बनाए, जबकि समीर रिजवी ने नाबाद 40 रन की अहम पारी खेली। दोनों के बीच छठे विकेट के लिए 65 रनों की साझेदारी हुई, जिसने टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया।
अक्षर पटेल ने गेंदबाजी को लेकर भी अपनी राय रखी और कहा कि उन्हें अपने स्पिन पार्टनर कुलदीप यादव की कमी महसूस हुई। उनके अनुसार टीम की गेंदबाजी उतनी प्रभावी नहीं रही, जितनी होनी चाहिए थी। इसके साथ ही उन्होंने स्वीकार किया कि अब टीम के पास गलतियों की कोई गुंजाइश नहीं बची है और हर मैच में जीत दर्ज करना जरूरी हो गया है।
हालांकि, मैच के बाद बातचीत के दौरान अक्षर पटेल एक छोटी सी गलती भी कर बैठे। उन्होंने कहा कि टीम के पास अभी पांच मैच बाकी हैं, जबकि वास्तविकता में दिल्ली के पास केवल चार लीग मुकाबले ही शेष हैं। इस समय टीम 10 मैचों में 4 जीत और 6 हार के साथ अंक तालिका में सातवें स्थान पर है और उसके खाते में 8 अंक हैं।
दिल्ली कैपिटल्स के लिए अब स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो चुकी है। प्लेऑफ की दौड़ में बने रहने के लिए टीम को अपने बचे हुए सभी चार मैच जीतने होंगे। उनका अगला मुकाबला कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ खेला जाएगा, जो उनके लिए ‘करो या मरो’ जैसा साबित हो सकता है। आने वाले मैच यह तय करेंगे कि दिल्ली की टीम वापसी कर पाती है या टूर्नामेंट से बाहर हो जाती है।