200 km की रफ्तार से बढ़ रहा सुपर साइक्लोन अम्फान तूफान, बंगाल-ओडिशा में 14 लाख लोगों को किया शिफ्ट

चक्रवात अम्फान अत्यंत तेज तूफान में बदल गया है। अम्फान का पहला प्रहार पारादीप पर होगा, जहां अभी से तेज अंधड़ के साथ बारिश हो रही है। बंगाल की खाड़ी में उठे अम्फन तूफान तेजी से ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तट की ओर बढ़ रहा है। ओडिशा और बंगाल को तूफान का सबसे पहले सामना करना है। इसके मद्दे नजर एमएमएस के जरिए लोगों को तूफान का अलर्ट भेजा जा रहा है। कोस्टगार्ड की टीमें और नौकाएं लगातार समुद्री इलाकों में गश्त कर रही हैं। प्रशासन ने 14 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित जगहों पर शिफ्ट किया है। एनडीआरएफ की टीमें भी मोर्चे पर तैनात हैं।
185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवा

ओडिशा के चांदीपुर में तेज बारिश हो रही है और पारादीप में हवा की रफ्तार 102 किमी प्रति घंटा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह दोपहर बाद सुंदरबन के पास (पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के बीच) 155 से 165 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ तट से टकराएगा। अभी यह पश्चिम बंगाल के दिघा से 125 किमी दक्षिण-दक्षिण पूर्व में है। टकराने के दौरान तटीय क्षेत्रों में 185 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा और बंगाल के तटीय इलाकों में सन्नाटा पसरा है। कोरोना महामारी के बीच तूफान की तबाही की आशंका से लोग डर हुए हैं। तेज हवाओं से लोग खौफ में हैं। लोगों को लगातार सावधान रहने की हिदायतें दी जा रही हैं। उनसे घरों में रहने की अपील की जा रही है।
NDRF प्रमुख एसएन प्रधान ने कहा, ओडिशा में समुद्र के किनारे वाले इलाके में हवा 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। हालांकि, पश्चिम बंगाल में हवा की रफ्तार ओडिशा के मुकाबले कम है। ओडिशा में बालासोर व भद्रक से डेढ़ लाख लोगों को उनके निवास स्थान से हटा दिया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। इसके अलावा पश्चिम बंगाल में समुद्र के किनारे रहने वाले 3।3 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक, तूफान से ओडिशा के 6 जिले केंद्रापाड़ा, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, जाजपुर और जगतसिंहपुर सबसे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल के तीन तटीय जिले पूर्वी मिदनापोर, 24 दक्षिण और उत्तरी परगना के साथ ही हावड़ा, हुगली, पश्चिमी मिदनापुर और कोलकाता पर इसका असर नजर आएगा।