उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में इंसानियत को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहां कोरोना मरीजों की मौत के बाद उनके मोबाइल फोन पर हाथ साफ करने वाले बदमाशों का पर्दाफाश हुआ है और यह चोरी और कोई नहीं बल्कि अस्पताल का स्टाफ ही करता था। दरअसल इलाज के दौरान मरीज अपने फोन की बैट्री चार्ज करने के लिए अस्पताल कर्मचारियों को दे देते थे। फोन चार्ज होने के बाद कर्मचारी उसे मरीजों को वापस दे देते थे। लेकिन इस दौरान यदि किसी मरीज की कोरोना से मौत हो जाती तो अस्पताल के कर्मचारी उनके मोबाइल पर हाथ साफ कर देते थे।
मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के मेयो हॉस्पिटल का है जहां दो मृतकों के परिजनों ने उनके मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत पुलिस से की थी। पुलिस ने जांच के बाद अस्पताल में काम करने वाले एक पुरुष और चतुर्थ श्रेणी की एक महिला कर्मचारी को इस मामले में गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि मरीज अपना मोबाइल फोन चार्जिंग के लिए हमें देते थे, और अगर मरीजों की कोरोना से मृत्यु हो जाती थी तो वो मोबाइल अपने पास ही रख लेते थे।
इस मामले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) यमुना प्रसाद ने बताया कि पिछले दिनों मेयो हॉस्पिटल में कोरोना के चलते दो मरीजों की मौत हुई थी। उनके परिजनों ने पुलिस से शिकायत की थी कि उनके मरीज के सामान के साथ उनका मोबाइल फोन नहीं दिया गया है। मोबाइल फोन गायब है। इस पर पुलिस ने जांच की और मेयो हॉस्पिटल के दो कर्मचारियों को गिरफ्तार कर मोबाइल बरामद किया है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके खिलाफ आगे की विधिपूर्वक कार्रवाई की जा रही है।