
नई दिल्ली। 1 अप्रैल को नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही कई बदलाव होने जा रहे हैं, जिनका असर पूरे भारत में करदाताओं, वेतनभोगी व्यक्तियों और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। वित्तीय वर्ष 2025-26 (FY26) में नए आयकर स्लैब और अपडेट किए गए UPI दिशा-निर्देशों के साथ-साथ अन्य बदलाव भी किए जाएंगे।
1 अप्रैल से लागू होने वाले प्रमुख नियमों में बदलाव की जानकारी इस प्रकार है:
नए आयकर नियम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट 2025 भाषण में घोषणा की कि प्रति वर्ष 12 लाख रुपये तक की आय वाले व्यक्तियों को आयकर से छूट दी जाएगी। 1 अप्रैल से प्रभावी, अद्यतन कर संरचना में 75,000 रुपये की मानक कटौती शामिल है जो वेतनभोगी व्यक्तियों पर लागू होगी, जिससे प्रभावी रूप से 12.75 लाख रुपये का वेतन कर-मुक्त हो जाएगा।
नई पेंशन योजना नियम में बदलाव अगस्त 2024 में सरकार द्वारा शुरू की गई एकीकृत पेंशन योजना (UPS) पुरानी पेंशन योजना की जगह लेगी। इस बदलाव का असर करीब 23 लाख केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों पर पड़ेगा। कम से कम 25 साल की सेवा वाले कर्मचारी अपने पिछले 12 महीनों के औसत मूल वेतन के 50 प्रतिशत के बराबर पेंशन के लिए पात्र होंगे।
क्रेडिट कार्ड नियम में बदलाव कई बैंक अपने क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड स्ट्रक्चर में बदलाव कर रहे हैं। सिम्पलीक्लिक एसबीआई कार्ड और एयर इंडिया एसबीआई प्लेटिनम क्रेडिट कार्ड रिवॉर्ड पॉइंट स्ट्रक्चर में बदलाव होंगे। एयर इंडिया के साथ एयरलाइन के विलय के बाद एक्सिस बैंक विस्तारा क्रेडिट कार्ड के लाभों में संशोधन करेगा।
यूपीआई नियम में बदलाव नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने यूपीआई लेनदेन के लिए नए सुरक्षा उपाय लागू किए हैं, जिसमें निष्क्रिय नंबरों से जुड़े यूपीआई को निष्क्रिय करना भी शामिल है। जिन उपयोगकर्ताओं ने लंबे समय से यूपीआई लेनदेन के लिए अपने मोबाइल नंबर का उपयोग नहीं किया है, उन्हें 1 अप्रैल से पहले अपने बैंक के साथ अपने विवरण अपडेट करने होंगे ताकि वे एक्सेस खोने से बच सकें।
बैंकों और फोनपे तथा गूगल पे जैसे तृतीय-पक्ष यूपीआई प्रदाताओं को सुरक्षा जोखिमों को रोकने के लिए निष्क्रिय नंबरों को चरणबद्ध तरीके से हटाना होगा।
बैंकों में न्यूनतम शेषराशि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) और केनरा बैंक सहित प्रमुख बैंक 1 अप्रैल से अपनी न्यूनतम शेषराशि आवश्यकताओं में संशोधन करेंगे। न्यूनतम शेषराशि बनाए रखने में विफल रहने वाले ग्राहकों को दंड का सामना करना पड़ सकता है।
जीएसटी नियम में बदलाव वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) प्रणाली में निम्नलिखित अपडेट होंगे: अनिवार्य मल्टी-फैक्टर प्रमाणीकरण (एमएफए) - करदाताओं को बढ़ी हुई सुरक्षा के लिए जीएसटी पोर्टल में लॉग इन करते समय एमएफए पूरा करना होगा। ई-वे बिल प्रतिबंध केवल उन आधार दस्तावेजों के लिए बनाए जा सकते हैं जो 180 दिनों से अधिक पुराने नहीं हैं।