कोटा/जोधपुर में दो छात्रों ने दी अपनी जान, कोचिंग संस्थान में कर रहे थे नीट की तैयारी

कोटा/जोधपुर। राज्य विधानसभा में कोचिंग बिल पास नहीं हुआ। लंबी बहस के बाद इसे प्रवर समिति को भेज दिया गया। इस बिल को लाने के लिए पीछे प्रमुख कारण प्रदेश में कोचिंग करने वाले छात्रों के आत्महत्या की संख्या में बढोतरी को रोकना है। लेकिन अब बिल लंबे समय के लिए लटक गया। इस बीच जिस समय इस बिल पर सेामवार को विधानसभा में चर्चा हो रही थी, उसी समय जोधपुर व कोटा में नीट की तैयारी कर रहे दो छात्रों ने आत्महत्या कर ली।

बिहार निवासी छात्र ने कोटा में की आत्महत्या


शहर के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में मंगलवार को नीट की तैयारी कर रहे एक कोचिंग छात्र ने आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान बिहार निवासी हर्षराज शंकर के रूप में हुई है। वह अप्रेल 2024 से कोटा में रहकर कोचिंग संस्थान से नीट की तैयारी कर रहा था।

सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया। खास बात यह है कि जिस हॉस्टल में छात्र ठहरा हुआ था, वहां एंटी-हेगिंग डिवाइस लगी होने के बावजूद छात्र ने आत्महत्या कर ली। पुलिस मामले की जांच कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

पुलिस ने शव एमबीएस की मोर्चरी में रखवाकर इसकी सूचना परिजनों को दी। छात्र के परिजन आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। कोटा में इससे पहले भी कई कोचिंग छात्र आत्महत्या कर चुके हैं। लगातार बढ़ते ऐसे मामलों के चलते प्रशासन और कोचिंग संस्थान मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई उपाय कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद आत्महत्या की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं।

सीआई राम लक्ष्मण ने बताया कि मंगलवार दोपहर 12।30 बजे जवाहर नगर मेन रोड पर एक हॉस्टल में स्टूडेंट के हॉस्टल में कमरे का गेट नहीं खोलने की जानकारी मिली थी। इस पर टीम मौके पर गई, तो वहां पर एक नाबालिग अचेत मिला। उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद मृत घोषित कर दिया। पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। पुलिस परिजनों से संपर्क कर रही है और मामले की जांच की जा रही है।

जोधपुर में भी छात्र ने की आत्महत्या

मंगलवार को जोधपुर में एक कोचिंग छात्र ने आत्महत्या कर ली। मूलत: ब्यावर के रास निवासी रोहित रोहित भाटी उर्फ चिन्नू (19) चौपासनी हाउसिंग बोर्ड स्थित एक हॉस्टल में रहता था। सोमवार दोपहर को उसने आत्महत्या कर ली। चिन्नू ने अपने कमरे में एक सुसाइट नोट भी छोड़ा जिस पर सिर्फ एक लाइन लिखी थी 'सॉरी, मुझे माफ कर दो, चिन्नू। थानाधिकारी ईश्वरचंद पारिक ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया है। परिजनों की रिपोर्ट पर मर्ग दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि रोहित एक साल पहले जोधपुर आया था। दीक्षा क्लासेस के हॉस्टल में रह कर तैयारी कर रहा था, हॉस्टल संचालक ने ही सबसे पहले पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस ने शव एम्स मोर्चरी भेज कर परिजनों को सूचित किया था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया। आत्महत्या के कारणों की पड़ताल के लिए पुलिस रोहित के फोन को खंगाल रही है। पुलिस ने बताया कि उसके पिता गांव में दुकान चलाते हैं। रोहित उनका इकलौता बेटा था। रोहित के एक छोटी बहन है।