खाड़ी क्षेत्र में जारी तनाव के बीच देश के कई हिस्सों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी की खबरें सामने आने लगी थीं। इन रिपोर्ट्स के बाद सरकार ने मंगलवार को स्थिति स्पष्ट करते हुए बयान जारी किया। सरकार का कहना है कि देश में एलपीजी उत्पादन को बढ़ाकर लगभग 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया गया है और सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार गैस उत्पादन में बढ़ोतरी के जरिए आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने की कोशिश की जा रही है। साथ ही सरकार ने यह भी कहा कि देश में एलपीजी की व्यापक कमी को लेकर जो चिंताएं सामने आ रही हैं, वे सही नहीं हैं और स्थिति नियंत्रण में है।
घरेलू उपभोक्ताओं के लिए गैस उपलब्धता सामान्यसरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू उपयोग के लिए एलपीजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। जानकारी के अनुसार देशभर में हर दिन लगभग 60 लाख एलपीजी सिलेंडरों की डिलीवरी की जाती है और यह व्यवस्था पहले की तरह जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि जहां कहीं भी अस्थायी कमी महसूस हो रही है, वहां जरूरत पड़ने पर औद्योगिक क्षेत्र से गैस को डायवर्ट करके घरेलू उपभोक्ताओं की मांग पूरी की जा रही है।
सरकार के मुताबिक डिस्ट्रीब्यूटर्स के पास सिलेंडर स्टॉक पहुंचने का समय भी पहले जैसा ही बना हुआ है। पहले जहां लगभग ढाई दिन में नया स्टॉक पहुंच जाता था, वही स्थिति अभी भी बरकरार है।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग अवधि में भी बदलाव किया है। पहले जहां उपभोक्ता 21 दिन के अंतराल के बाद अगला सिलेंडर ले सकते थे, अब इसे बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है।
वैकल्पिक रास्तों से बढ़ाया गया आयातसरकार ने यह भी बताया कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भारत ने गैस और तेल के आयात के लिए अन्य समुद्री मार्गों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। पहले देश की कुल आपूर्ति का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा इन वैकल्पिक मार्गों से आता था, जिसे अब बढ़ाकर करीब 70 प्रतिशत कर दिया गया है।
यह कदम खास तौर पर उस स्थिति को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, जब होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों की आवाजाही प्रभावित हो सकती है।
सरकार ने हाल ही में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हुई 60 रुपये की बढ़ोतरी को लेकर भी स्पष्टीकरण दिया। अधिकारियों के मुताबिक यह बढ़ोतरी मौजूदा वैश्विक संकट की वजह से नहीं, बल्कि पिछले साल की लागत वसूली से जुड़ी प्रक्रिया का हिस्सा है।
कई शहरों में कमर्शियल गैस की कमी की शिकायतेंहालांकि दूसरी ओर देश के कई शहरों से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आ रही हैं। सोमवार से रेस्टोरेंट, होटल और ढाबा संचालकों ने शिकायत की है कि उन्हें अचानक गैस की सप्लाई मिलने में दिक्कत हो रही है।
दिल्ली में होटल और रेस्टोरेंट से जुड़े संगठनों ने बताया कि कई प्रतिष्ठानों के पास केवल एक दिन का ही गैस स्टॉक बचा है। वहीं करीब 70 प्रतिशत रेस्टोरेंट और होटलों के पास अधिकतम दो दिन का ही सिलेंडर स्टॉक उपलब्ध है।
ऐसे में कारोबारी वर्ग का कहना है कि अगर जल्द सप्लाई सामान्य नहीं हुई तो उनके कामकाज पर असर पड़ सकता है। हालांकि सरकार का दावा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत के मुताबिक आपूर्ति को संतुलित रखा जाएगा।