इस कोरोनाकाल में कई लोग दूसरों की मजबूरी का फायदा उठाने में लगे हुए हैं। इन्हीं में कई झोलाछाप भी हैं जो डॉक्टर बन इलाज कर रहे हैं और मासूम लोगों की मौत का कारण बन रहे हैं। इससे जुड़ा एक मामला सामने आया सीकर के नीमकाथाना के मावंडा कलां में जहां संक्रमित का इलाज करने के लिए पहले तो झोलाछाप डॉक्टर ने क्लिनिक में भर्ती कर लिया, लेकिन जब तबियत बिगड़ी तो उसे सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया जिसकी बाद में मौत हो गई। मृतक के परिजनों से प्रशासन को इसकी शिकायत मिली। इसके बाद प्रशासन ने क्लिनिक संचालक को गिरफ्तार कर लिया।
जिला प्रशासन को शिकायत मिली थी कि एक युवक को कोरोना के लक्षण दिखने पर मावंडा कलां में बालाजी नगर में मक्खनलाल ने अपनी क्लिनिक में भर्ती किया था। जिसका इलाज सही ढ़ंग से नहीं किया गया। इसके बाद जब उसकी तबीयत अधिक खराब हो गई तो सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां उसकी मौत हो गई। मृतक के परिजनों ने इसकी शिकायत प्रशासन को दी थी। कलेक्टर ने शिकायत के आधार पर स्वास्थ्य विभाग को जांच कर कार्रवाई करने के लिए कहा। मामले की जांच की तो पता लगा कि मक्खनलाल ने क्लिनिक चलाने का रजिस्ट्रेशन नहीं किया हुआ। अस्पताल को सीज कर डॉक्टर मखनलाल को पुलिस थाने को सौंप दिया।