स्टडी में दावा / कोरोना का ये नया रूप दूसरे कोविड-19 से 10 गुना अधिक खतरनाक

कोरोना वायरस (Coronavirus) से दुनिया में अब तक 4 लाख 29 हजार 965 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, संक्रमितों की संख्या 78 लाख 1 हजार 786 हो गई है। अब तक 40 लाख 2 हजार 947 लोग ठीक हो चुके हैं। उधर, अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से की गई स्टडी में दावा किया गया है कि कोविड-19 के एक म्यूटेशन स्ट्रेन के बारे में पता चला है कि यह अन्य कोरोना वायरस से 10 गुना तक अधिक खतरनाक हो सकता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कोरोना का ये म्यूटेशन स्ट्रेन तेजी से शरीर के रिसेप्टर्स पर अटैक करता है। कोरोना वायरस (SARS-CoV-2) के इस वर्जन को D614G नाम दिया गया है। इस स्ट्रेन में अन्य वायरस के मुकाबले 4 से पांच गुना अधिक 'स्पाइक्स प्रोटीन' होते हैं। स्टडी के मुताबिक, न सिर्फ कोरोना वायरस का D614G वर्जन 10 गुना अधिक संक्रामक है, बल्कि यह लंबे समय तक बना रहता है।
डेली मेल में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, स्क्रिप्स रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्टडी से ऐसे संकेत मिले हैं कि अमेरिका, ब्रिटेन और इटली में कोरोना वायरस का ऐसा म्यूटेशन देखने को मिला जो वुहान में पाए गए कोरोना वायरस से 10 गुना तक अधिक संक्रामक है। बता दें कि कई देशों के वैज्ञानिक ये समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर ऐसा क्यों है कि कोरोना वायरस कुछ देशों में अधिक नुकसान पहुंचा रहा है जब कुछ जगहों पर कम। इससे पहले भी कुछ रिसर्च में ये सामने आया था कि D614G स्ट्रेन इटली, ब्रिटेन और न्यूयॉर्क शहर में काफी अधिक मौजूद था। इन जगहों पर कोरोना वायरस की वजह से अधिक लोगों ने अपनी जान गवाई है।