RBI ने लगातार 11वीं बार रेपो रेट में नहीं किया बदलाव, पढ़ें पूरी खबर

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार को मौद्रिक नीति समिति (MPC) की द्विमासिक समीक्षा बैठक के बाद बड़ा ऐलान किया। रेपो रेट को लगातार 11वीं बार 6.5% पर स्थिर रखा गया है। इस फैसले से सस्ते लोन और EMI में कमी की उम्मीद लगाए बैठे लोगों को निराशा हाथ लगी। अब EMI घटने की उम्मीद फरवरी 2025 तक के लिए टल गई है। MPC के छह सदस्यों में से चार ने रेपो रेट में बदलाव के खिलाफ वोट किया। गौरतलब है कि यह समिति मौद्रिक नीति संबंधी फैसले लेने वाली सर्वोच्च इकाई है। इसमें गवर्नर शक्तिकांत दास समेत छह सदस्य शामिल हैं। फरवरी 2023 से ही रेपो दर को स्थिर रखा गया है।

मुद्रास्फीति पर फोकस

आरबीआई का मुख्य उद्देश्य खुदरा मुद्रास्फीति को 2% की घट-बढ़ के साथ 4% पर बनाए रखना है। गवर्नर दास ने संकेत दिया कि जनवरी से मार्च 2025 के बीच मुद्रास्फीति में कमी आ सकती है। हालांकि, मौजूदा हालात में महंगाई के अनुमान को बढ़ाया गया है।

CRR में 0.50% की कटौती


आरबीआई ने बैंकिंग सिस्टम में लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) को 4.5% से घटाकर 4% कर दिया है। इस कदम से बैंकिंग सेक्टर में 1.16 लाख करोड़ रुपये की अतिरिक्त लिक्विडिटी आएगी, जिससे बैंकों के पास लोन देने के लिए ज्यादा पैसा होगा।
जीडीपी ग्रोथ पर महंगाई का असर

GDP ग्रोथ घटा: महंगाई के दबाव से मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में सुस्ती आई है, जिसके चलते चालू वित्त वर्ष (2025) के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान 7.2% से घटाकर 6.6% कर दिया गया है। वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.9% रहने की संभावना जताई गई है।

फेस्टिवल डिमांड और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार

आरबीआई ने फेस्टिव सीजन के दौरान ग्रामीण मांग में सुधार को भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत बताया। साथ ही, गवर्नर ने कहा कि भारतीय बैंकिंग और फाइनेंशियल सेक्टर मजबूत स्थिति में हैं, और लोन की मांग बनी हुई है।

आरबीआई का नया कदम: पॉडकास्ट सेवा

आरबीआई ने जनता से बेहतर संवाद स्थापित करने के लिए पॉडकास्ट सेवा शुरू करने का ऐलान किया है। इस प्लेटफॉर्म पर लोग मोबाइल के माध्यम से टॉक शो सुन या देख सकेंगे।

मुख्य बातें संक्षेप में:

रेपो रेट: 6.5% पर स्थिर, अगला बदलाव फरवरी 2025 में संभव।
CRR में कटौती: 0.50% कमी से बैंकों के पास लोन देने के लिए अतिरिक्त धन।
GDP अनुमान: 2025 में 6.6% और 2026 की पहली तिमाही में 6.9%।
महंगाई राहत: जनवरी-मार्च 2025 तक कमी की उम्मीद।
पॉडकास्ट सेवा: जनता को जानकारी देने का नया जरिया।