राजस्थान के बालोतरा जिले से एक प्रेरक कहानी सामने आई है, जिसने पूरे राज्य में लोगों को गर्व महसूस कराया है। दुदवा गांव के होनहार छात्र नरेश जाणी ने इस साल 12वीं बोर्ड परीक्षा में 99.20 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी मेहनत और लगन का अद्भुत उदाहरण पेश किया। नरेश आर्ट्स स्ट्रीम के छात्र हैं और उनके पिता पूणमाराम जाणी पेशे से ट्रक ड्राइवर हैं।
कुल मिलाकर 500 में से 496 अंक पाने वाले नरेश ने यह साबित किया कि परिस्थितियाँ कभी भी प्रतिभा और मेहनत की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। आर्थिक तंगी के बावजूद उनके पिता ने हमेशा बेटे की पढ़ाई में सहयोग किया और उसे निरंतर प्रोत्साहित किया। नरेश की इस उपलब्धि की गूंज अब पूरे राजस्थान में सुनाई दे रही है। सरकारी स्कूल और डिजिटल शिक्षा का योगदान
नरेश जाणी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, दुदवा के छात्र हैं। उनकी कहानी इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने बोर्ड तक की पूरी पढ़ाई सरकारी स्कूल से की है। हालांकि संसाधनों की कमी थी, लेकिन नरेश ने परीक्षा की तैयारी के लिए ऑनलाइन क्लासेज और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का भरपूर लाभ उठाया। यह साबित करता है कि सही दिशा और मेहनत से सीमित संसाधन भी बड़े सपनों को सच करने में मदद कर सकते हैं।
भविष्य की सोच और देशभक्ति का जज्बा
नरेश की सफलता पर गांव में खुशी और जश्न का माहौल है। परिवार और शिक्षकों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए मिठाई खिलाई और उनकी मेहनत की सराहना की। अपने भविष्य की योजनाओं के बारे में नरेश कहते हैं कि उन्होंने किसी विशेष करियर का लक्ष्य अभी तय नहीं किया है, लेकिन वह एक जिम्मेदार नागरिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं।