जयपुर। राजस्थान विधानसभा में बुधवार को जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 118 अरब 66 करोड़ 49 लाख 47 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित हो गई। इस दौरान अनुदान मांगों पर हुई बहस का रिप्लाई देते हुए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि उनकी सरकार अवैध जल कनेक्शनों पर सख्त कार्रवाई कर रही है। मंत्री कन्हैयालाल ने कहा कि राज्य सरकार जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक गांव और ढाणी तक पेयजल पहुंच सके।
राजस्थान सरकार अब अवैध जल कनेक्शन लेने वालों पर सख्त कार्रवाई करने जा रही है। प्रदेश के जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बजट सत्र में घोषणा की कि अवैध जल कनेक्शन लेने वालों को जेल भेजने का प्रावधान किया जाएगा। इसके लिए विभाग नया कानून लाने की तैयारी कर रहा है।
विधानसभा में बुधवार को जलदाय विभाग की अनुदान मांगों पर जवाब देते हुए मंत्री चौधरी ने कहा कि पानी चोरी रोकने के लिए विजिलेंस टीम गठित की जाएगी और अतिरिक्त फोर्स लगाकर अवैध जल कनेक्शन पर सख्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिजली की तरह अब पानी चोरी को भी गंभीर अपराध माना जाएगा और इसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में बुधवार को पहली बार कार्यवाही रात 12 बजे तक चली। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने पेयजल योजनाओं, जल जीवन मिशन, अवैध जल कनेक्शन, और जल प्रबंधन को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने कहा कि राज्य में 2047 तक राजस्थान को पेयजल के मामले में अग्रणी राज्यों में शामिल करने का लक्ष्य है।
मंत्री कन्हैया लाल ने बताया कि पिछले सरकार के समय जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश की रैंक न्यूनतम स्तर पर थी, लेकिन मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में स्थिति में सुधार आया है। उन्होंने कहा कि पूर्व सरकार ने जल स्रोतों की व्यवस्था किए बिना पेयजल कनेक्शन दिए थे, जबकि उनकी सरकार ने विभिन्न जल परियोजनाओं के माध्यम से पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कर पेयजल कनेक्शन देने का कार्य किया। उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत 42 हजार से अधिक गांवों को पेयजल कनेक्शन देने के लिए 93 हजार 427 करोड़ रुपये की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
अवैध जल कनेक्शनों पर कड़ी कार्रवाईजन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री ने अवैध जल कनेक्शनों पर कड़ी कार्रवाई की बात की। उन्होंने कहा कि यह अवैध कनेक्शन प्रदेश में पेयजल योजनाओं के सफल संचालन में बड़ी बाधा है, जिसके चलते विभाग प्रभावी रूप से कनेक्शन विच्छेद और जुर्माना लगा रहा है। इसके अलावा सघन मॉनिटरिंग और फील्ड विजिट के जरिए योजना की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा रही है और भ्रष्टाचार के मामलों में कठोर कार्रवाई की जा रही है।
राजस्थान वाटर सप्लाई एवं सीवरेज एक्ट 2025 का प्रारूप तैयार मंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार ने राजस्थान वाटर सप्लाई एवं सीवरेज एक्ट 2025 का प्रारूप तैयार कर लिया है, जिसमें अवैध जल कनेक्शन, जल दुरुपयोग, बूस्टर लगाने और कर्मचारियों से अभद्र व्यवहार के खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अब शहरी क्षेत्र में नल कनेक्शन की जटिल प्रक्रिया को सरल बना दिया गया है, जिससे भविष्य में जल उपभोक्ताओं को विभिन्न एजेंसियों के चक्कर नहीं लगानी पड़ेगी।
नए कदम और योजनाएंउन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न पेयजल परियोजनाओं के लिए जयपुर जिले के लिए 2,675 करोड़ रुपये और अजमेर के लिए 1,077 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है, जिससे 2053 तक की जनसंख्या के अनुसार जल आपूर्ति की व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी। इसके अलावा, प्रदेश सरकार द्वारा 2,067 नये नलकूप और 2,916 नये हैण्डपम्प शुरू किए गए हैं, जबकि 2 लाख 91 हजार से अधिक खराब हैण्डपम्पों की मरम्मत कर उन्हें पुनः चालू किया गया है।
कुएं और बावड़ियों का होगा जीर्णोद्धारजलदाय मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी पुराने कुएं और बावड़ियों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। साफ-सफाई के बाद इन जल स्रोतों पर सोलर मोटर लगाकर पेयजल आपूर्ति में उपयोग किया जाएगा। JJM की जिला स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि हर नागरिक को शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो। कांग्रेस सरकार पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि मार्च 2024 से पहले कांग्रेस सरकार कोई काम नहीं कर पाई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के प्रयासों से अब योजनाओं में तेजी आई है। राजस्थान की JJM रैंकिंग पहले 33वीं थी, जो अब 31वीं हो गई है।
जल कनेक्शन पर 1 लाख रुपये खर्चमंत्री चौधरी ने बताया कि पहले प्रति व्यक्ति जल कनेक्शन पर 27,000 रुपये खर्च होते थे, लेकिन अब यह बढ़कर 1 लाख रुपये तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि लोग मोबाइल रिचार्ज और चाय के लिए पैसे खर्च कर सकते हैं, लेकिन पानी के लिए 100 रुपये देने को तैयार नहीं होते। मंत्री ने कहा कि JJM बिना जनता के सहयोग के सफल नहीं होगा।
इसके अलावा जल उपभोक्ताओं की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए एक विशेष कंज्यूमर सेल बनाया जाएगा। यह सेल जल आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं का समाधान करेगा।