नरेंद्र मोदी का आज जन्मदिन, प्रधानमंत्री के रूप में ये रही हैं उनकी बड़ी उपलब्धियां

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) का 70वां जन्मदिन हैं। चायवाले से प्रधानमंत्री पद का विलक्षण सफर तय करने वाले नरेंद्र दामोदरदास मोदी का जन्म आज ही के दिन 1950 में हुआ था। गुजरात के वडनगर में एक गरीब परिवार में वे पैदा हुए। पिता दामोदरदास मोदी रेलवे स्टेशन पर चाय बेचा करते थे। नरेंद्र मोदी भी बचपन में उनकी मदद करते थे।

मोदी अचानक राजनीति में नहीं आए। आठ साल की उम्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी आरएसएस से जुड़े। 1971 में संघ का पूर्णकालिक कार्यकर्ता बनने के बाद उनकी राजनीतिक शिक्षा-दीक्षा शुरू हुई। 1975 में आपातकाल के दौरान छिपकर वक्त गुजारना पड़ा। 1985 में भाजपा में संगठन का काम मिला। गुजरात के भुज में आए भूकंप के बाद प्रशासनिक व्यवस्थाएं चरमरा गई थीं, तब 2001 में मोदी को मुख्यमंत्री बनाया गया। गुजरात दंगों को लेकर आरोपों से घिरे। लेकिन, गुजरात के विकास मॉडल को बेस बनाकर केंद्र की राजनीति में आए और 2014 में प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी के तौर पर पहली बार किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी यानी भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाई। 2019 में पहले से बेहतर प्रदर्शन के साथ सत्ता में लौटे।

देश की सत्ता पर काबिज होने के बाद नरेंद्र मोदी ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं, जिनकी गूंज देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया तक पहुंची। प्रधानमंत्री के तौर पर मोदी ने कई ऐसी उपलब्धियां हासिल की हैं, जो सीधे तौर पर उनकी इच्छाशक्ति को जाहिर करती हैं। फिर चाहे जम्मू-कश्मीर से धारा 370 को खत्म करने की बात रही हो या फिर मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने का मामला रहा हो। इतना ही नहीं, राम मंदिर के निर्माण का शुभारंभ पीएम मोदी ने कार्यकाल में ही हुआ और लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद का शांतिपूर्ण ढंग से पटापेक्ष हुआ। ऐसे में हम उन पांच उपलब्धियों के बारे में बताने वाले है जिसे मोदी सरकार ने अमलीजामा पहनाने का काम किया है।

पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सत्ता में आने के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब देने का काम किया है। हमेशा आतंकियों के जरिए पाकिस्तान कभी कश्मीर तो कभी भारत के दूसरे हिस्सों को अस्थिर करने की नापाक कोशिश करता रहा है। ऐसे में कई बार चाहते हुए भी भारत इसका जवाब नहीं दे पाता था। लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद 18 सितंबर 2016 को हुए उरी अटैक के 11 दिन बाद 29 सितंबर 2016 को भारतीय सेना ने एलओसी के उस पार घुसकर पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया और आतंकी लॉन्च पैड तबाह किए और कई आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया। इस सर्जिकल स्ट्राइक ने दुनिया को एक कड़ा संदेश दिया कि अब भारत सीमा पर हो रही आतंकी गतिविधियों के खिलाफ चुप नहीं बैठने वाला बल्कि पलटकर वार करने वाला है।

एयर स्ट्राइक

इसके बाद 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में आतंकी हमला हुआ जिसमे सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हुए। इस आतंकी हमले के 12 दिन बात 26 फरवरी को भारतीय वायुसेना ने बॉर्डर पार कर पाकिस्तानी सीमा में बने आतंकियों के ठिकानों को तबाह कर दिया। इसे एयर स्ट्राइक का नाम दिया गया था। पीएम मोदी राजनैतिक इच्छाशक्ति ने देश का सिर बुलंद कर दिया था।

एतिहासिक फैसला जम्मू-कश्मीर को लेकर

मोदी सरकार ने सबसे एतिहासिक फैसला जम्मू-कश्मीर को लेकर लिया, जो जनसंघ के जमाने से उसकी प्राथमिकता में रहा है। जम्मू कश्मीर से धारा 370 को मोदी सरकार ने हटा दिया और इसके साथ ही राज्य को दो हिस्सों में बांट भी दिया। अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख दो केंद्र शासित प्रदेश हैं। मोदी सरकार के इस फैसले के बाद कश्मीर समेत देश में एक देश, एक विधान और एक निशान की व्यवस्था लागू हो गई है। मोदी सरकार के इस फैसले को विश्व पटल पर भी स्थान मिला।

मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात

नरेंद्र मोदी सरकार ने मुस्लिम महिलाओं को तीन तलाक से निजात दिलाने के लिए कदम उठाया। मोदी सरकार ने तीन तलाक पर पाबंदी के लिए 'मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक-2019' को लोकसभा और राज्यसभा से पारित कराया। एक अगस्त 2019 से तीन तलाक देना कानूनी तौर पर जुर्म बन गया।

नागरिकता संशोधन कानून

नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में नागरिकता संशोधन कानून को बड़े फैसले के तौर पर देखा जा सकता है। 10 जनवरी 2020 को इसे पूरे देश मे लागू कर दिया गया। इस कानून से पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य देशों से आने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, पारसी और यहूदी शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिल सकती है। इस कानून में किए गए बदलाव को लेकर देश भर में कई महीने विरोध प्रदर्शन हुए। मुस्लिम महिलाएं इस कानून के खिलाफ सड़क पर उतरकर आंदोलन कर रही थीं, जिसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर केंद्रीय गृहमंत्री तक ने कहा कि इस कानून के जरिए देश के किसी भी अल्पसंख्यक की नागरिकता नहीं छीनी जाएगी। इसके बावजूद विरोध प्रदर्शन जारी रहा लेकिन सरकार ने भी इस कानून पर कदम पीछे नहीं खींचे।

जीएसटी को पास कराया

भारत में गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) का मामला लंबे समय से अटका हुआ था। मोदी सरकार ने सत्ता में आने के तीन साल बाद संसद से जीएसटी को पास कराया और यह देश में एक जुलाई 2017 से लागू हो गया। देश में कर सुधार की दिशा में यह सबसे बड़ा कदम था। जीएसटी लागू करने का मकसद एक देश-एक कर (वन नेशन, वन टैक्स) प्रणाली है। जीएसटी लागू होने के बाद उत्पाद की कीमत हर राज्य में एक ही हो गई है और राज्यों को उनके हिस्से का टैक्स केंद्र सरकार देती है।

पूरा किया राम मंदिर के निर्माण का सपना

बीजेपी तीन दशकों से अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण का सपना दिखा तो रही थी लेकिन लोगों को इसे लेकर सबसे ज्यादा भरोसा उस समय जगा जब मई 2014 में नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने। राम मंदिर और बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले में भी सुप्रीम कोर्ट ने रोज सुनवाई कर फैसला राम मंदिर के पक्ष में दिया, जिसका सभी ने सम्मान किया। कोर्ट के फैसले के खिलाफ किसी ने भी सड़क पर उतरकर अपनी नाराजगी नहीं जाहिर की। पांच अगस्त, 2020 एक ऐसी तारीख जो देश के इतिहास में दर्ज हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन कर अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का शुभारंभ किया। राम मंदिर का रास्ता भले ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले से साफ हुआ हो लेकिन बीजेपी समर्थक इसके श्रेय के सवाल पर 'मोदी है तो मुमकिन है' ही कहते आ रहे हैं। 5 अगस्त की दोपहर जब प्रधानमंत्री मंदिर का भूमि पूजन कर केवल मंदिर निर्माण की ही शुरुआत नहीं की बल्कि इस विवादास्पद मामले को शांति के साथ निपटाया। इसके साथ ही उन्होंने गौरवशाली भारत की उस इमारत को मजबूत करने का काम किया है जिसे गंगा-जमुना तहजीब की नींव पर खड़ी इमारत कहा जाता है।

जन-धन योजना की घोषणा

पीएम मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने गरीब जनता की जरूरतों के लिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए लगभग सवा सौ गरीब कल्याण योजनाओं को शुरू किया। जिसका सीधा फायदा ग्रामीण क्षेत्रों और शहरी क्षेत्रों में रहने वाली गरीब जनता को मिला। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 अगस्त 2014 को देश की जनता को बैंकिंग से जोड़ने के लिए जन-धन योजना की घोषणा की थी। इस योजना के तहत 31.31 करोड़ लोगों के खाते खोले गए। देश में बैंकों ने कैंप लगाकर वंचित लोगों के खाते खोलकर उन्हें बैंकिंग सुविधा से जोड़ने का काम किया था।

उज्ज्वला योजना का आगाज

देश के गरीब भी गैस के चूल्हे पर खाना बना सकें, इस मकसद से मोदी सरकार ने उज्ज्वला योजना का आगाज किया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 3 करोड़ परिवार मुफ्त में गैस सिलेंडर दिए गए। मोदी सरकार ने किसानों को पेंशन, आय दोगुनी उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने का जो वादा चुनाव के दौरान किया था, उसे सरकार बनने के बाद अमलीजामा पहनाने का काम किया है। किसानों की दशा और दिशा को सुधारने के लिए कृषि सेक्टर में सुधार के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955, एग्रीकल्चर प्रोड्यूस मार्केट कमेटी (एपीएमसी) एक्ट में बदलाव किया गया है। मोदी सरकार अपने पहले कार्यकाल के आखिरी चरण में सवर्णों के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का काम किया था। इसके चलते नौकरियों से लेकर शिक्षण संस्थानों में एडमिशन तक के लिए गरीब सवर्णों को 10% आरक्षण का लाभ मिलना शुरू हो गया।