मानव शरीर का इम्यून सिस्टम मजबूत हो तो वो किसी भी बीमारी से लड़ सकता है और अपनी रक्षा कर सकता है। ऐसे में इम्यून सिस्टम मजबूत करने के लिए लोगों के द्वारा सर्दियों में च्यवनप्राश का सेवन किया जाता है लेकिन इस बार कोरोना संकट के चलते च्यवनप्राश का सेवन गर्मियों में भी किया जा रहा ह। दरअसल, मार्च शुरु होते ही आमतौर पर च्यवनप्राश की बिक्री लगभग शून्य हो जाती है। लेकिन, इस साल यह 40% तक बढ़ गई है। वहीं, इस बार आइसक्रीम की बिक्री में जबरदस्त गिरावट आई है. इसकी बिक्री में 70% तक कमी आई है। एक च्यवनप्राश विक्रेता का कहना है कि च्यवनप्राश की सेल अक्टूबर से फरवरी तक ज्यादा रहती है। इस बार, कोरोना वायरस की वजह से च्यवनप्राश की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ। सीजन में विभिन्न कंपनियों के च्यवनप्राश की करीब 10 हजार किलो तक सेल होती है। लेकिन, हाल के तीन महीनों में करीब 4 हजार किलो च्यवनप्राश की सेल हुई है।
इधर, एक आइसक्रीम विक्रेता का कहना है कि कोरोना संक्रमण के कारण लोग ठंडी चीजें खाने से बच रहे हैं इसके साथ ही शादी-विवाह, पार्टियों के आयोजन नहीं होने से भी बल्क में बिकने वाली आइसक्रीम बॉक्स की सेल नहीं हुई है। साथ ही बाजार भी अभी जल्दी बंद हो जाते हैं। ऐसे में आइसक्रीम की बिक्री में काफी गिरावट आई है।
बता दे, डॉक्टरों का कहना है कि शरीर का पोटेंशियल ऑफ हाइड्रोजन 7.4 रहता है। अत्यधिक ठंडी चीजें खाने से पी एच 6.0 से कम हो जाता है। जो नुकसानदेय साबित होता है। बहुत से आइसक्रीम में अरारोट, ग्लूकोटोमाइन, मैदा, चावल, दूध, क्रीम, वनस्पति ऑयल, फ्लेवर केमिकल आदि होते हैं। इससे खून का पी एच लेबल कम होने लगता है।बता दे, देश में कोरोना संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे है। अब तक मरीजों की संख्या 4 लाख 72 हजार 870 हो गई। बुधवार को एक दिन में सबसे ज्यादा 16 हजार 753 केस बढ़े। इससे पहले 20 जून को 15 हजार 918 संक्रमित मिले थे। पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा 3 हजार 890 संक्रमितों की पुष्टि हुई। दिल्ली में 3 हजार 788 रिपोर्ट पॉजिटिव आईं, अब यहां 70 हजार 390 मरीज हो गए हैं। वहीं देश में इस वायरस से अब तक 14 हजार 907 लोगों की मौत हो चुकी है।