राजस्थान में बीते दिनों रीट और एसआई भर्ती परीक्षा करवाई गई थी जिसमें नक़ल गिरोह ने सेंध मारी दी। इसे लेकर पुलिस ने कारवाई करते हुए कई शातिरों को गिरफ्तार किया हैं, वहीँ सरकार ने भी कई अधिकारियों को सस्पेंड किया हैं। देखा जाए तो सरकार परीक्षा को सफल कराने में असफल रही हैं। इस बीच आने वाले दिनों में पटवारी भर्ती परीक्षा-2021 का आयोजन होना हैं और सरकार ने इसे लेकर एक बड़ा निर्णय लिया हैं जिसके तहत प्रदेश के 10 जिलों को इस भर्ती की परीक्षा के आयोजन से बाहर कर दिया गया है यानी इन जिलों में पटवारी भर्ती के परीक्षा केंद्र नहीं होंगे। अब ये परीक्षा 23 जिलों में ही होगी।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष हरि प्रसाद शर्मा ने कहा कि दस जिलों में पटवारी भर्ती परीक्षा के लिए कोई केंद्र नहीं होगा। बोर्ड ने पिछली परीक्षाओं का अध्ययन कराया तो सामने आया कि यहां या तो नकल के मामले ज्यादा आते रहे हैं या फिर पेपर लीक वाली गैंग या नकल गिरोह सक्रिय रहते हैं। इसलिए अतिरिक्त सावधानी बरतते हुए ये फैसला लिया। इन जिलों का चयन रीट से पहले ही कर लिया था। अभ्यर्थियों की भीड़ नहीं हो। इस कारण परीक्षा चार चरणों में होगी। इन दस जिलों में बाड़मेर, चूरू, धौलपुर, जैसलमेर, जालोर, झुंझुनूं, करौली, पाली, प्रतापगढ़ और सीकर शामिल हैं।बाहर किए गए इन 10 जिलों के अभ्यर्थियों को नजदीकी जिलों में परीक्षा केंद्र दिया जाएगा। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए चयन बोर्ड ने 3 साल पहले आयोजित खुद की एलडीसी भर्ती परीक्षा-2018 की तर्ज पर यह निर्णय लिया है। पटवारी भर्ती के लिए 15।62 लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया है। 3 साल पहले 2018 में बोर्ड ने एलडीसी भर्ती परीक्षा कराई थी। तब 13 जिलों में परीक्षा नहीं हुई थी। साथ ही एलडीसी भर्ती परीक्षा 4 चरणों में कराई गई थी। उसी तर्ज पर पटवारी भर्ती परीक्षा भी 4 चरणों में कराई जाएगी।