कोरोना ने बदला वोटिंग का तरीका, मास्क, सैनिटाइजर, दस्ताने और दूरी...देखें कैसे हो रहे है बिहार में मतदान

बिहार में चुनाव है। तीन फेज में वोटिंग होनी है। कोरोना वायरस जैसी वैश्विक महामारी के दौर में बिहार में आज पहले फेज की 71 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है। 1 हजार 66 उम्मीदवार मैदान में हैं। इनमें 952 पुरुष और 114 महिलाएं हैं। दूसरे फेज की वोटिंग 3 नवंबर और तीसरे फेज की वोटिंग 7 नवंबर को होगी। नतीजे 10 नवंबर को आएंगे। कोरोना के बावजूद बिहार के लोगों में वोटिंग को लेकर गजब का उत्साह नजर आ रहा है।
कोरोना वायरस ने वोटिंग के तौर-तरीकों को थोड़ा बदल जरूर दिया है लेकिन लोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं है। कोरोना के चलते चुनाव आयोग ने वोटिंग का समय एक घंटे बढ़ाया है। लेकिन, अलग-अलग सीटों पर वोटिंग खत्म होने का समय अलग-अलग है। 4 सीटों पर सुबह 7 से शाम 3 बजे तक वोटिंग होगी। वहीं, 26 सीटों पर शाम 4 बजे तक, 5 सीटों पर 5 बजे तक, बाकी 36 सीटों पर 6 बजे तक वोट डाले जाएंगे। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में आयोग ने बूथों पर मतदाताओं की संख्या कम रखने की व्यवस्था की है। इसके लिए बूथों की संख्या बढ़ाई गई है। एक बूथ पर अधिकतम 1000 मतदाता ही होंगे। पहले यह सीमा 1500 मतदाताओं की थी।
सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोग अपनी बारी का इंतजार करते हुए नजर आ रहे हैं। संक्रमण फैलने की आशंका के बावजूद लोग वोट डालने के लिए घरों से अगर बाहर निकल रहे हैं तो उसकी एक मात्र वजह चुनाव आयोग की खास तैयारी है। कोरोना के इस दौर में लोगों और चुनाव कर्मियों को संक्रमण से बचाने के लिए चुनाव आयोग ने विशेष तैयारी की है। पोलिंग बूथ पर उसे ही प्रवेश करने दिया जा रहा जिन्होंने मास्क पहना है। इतना ही नहीं वोट डालने से पहले चुनाव कर्मी द्वारा हर व्यक्ति के शरीर का तापमान मापा जा रहा है और हाथों को सैनिटाइज करवाया जा रहा है। चुनाव कर्मियों को भी संक्रमण से बचाने के लिए चुनाव आयोग ने उनके लिए पीपीई किट की व्यवस्था की है। पीपीई किट पहनकर चुनावकर्मी ड्यूटी कर रहे हैं। कोरोना काल में चुनाव के दौरान दिव्यांगों, 80 साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों, जरूरी सेवाओं में जुटे कर्मचारियों और कोरोना संक्रमितों के अलावा संभावित लोगों को पोस्टल बैलेट से मतदान की सुविधा दी गई है। लोगों को वोटिंग के लिए कतार में ज्यादा इंतजार ना करना पड़े इसके लिए चुनाव आयोग ने पहले आओ पहले पाओ की तर्ज पर टोकन देने की व्यवस्था की है ताकि भीड़ कम से कम हो। दो मतदाताओं के बीच 6 फीट की दूरी को अनिवार्य बनाया गया है।
आपको बता दे, आज जिन मंत्रियों की किस्मत ईवीएम में कैद होगी, उनमें बिहार के कृषि मंत्री और बीजेपी के नेता डॉ प्रेम कुमार, जेडीयू नेता और बिहार के शिक्षा मंत्री कृष्ण नंदन वर्मा, बीजेपी के नेता और श्रम मंत्री विजय कुमार सिन्हा, बिहार सरकार के अनुसूचित जाति जनजाति कल्याण मंत्री बृजकिशोर बिंद, बिहार सरकार के परिवहन मंत्री और जेडीयू नेता संतोष कुमार निराला, ग्रामीण कार्य मंत्री और जेडीयू नेता शैलेश कुमार, बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री जय कुमार सिंह और राजस्व मंत्री रामनारायण मंडल के नाम शामिल हैं।