होमवर्क पूरा न करने पर नोएडा के दो छात्रों ने स्कूलों में छुट्टी के लिए डीएम के आदेश वाला फर्जी आदेश जारी कर दिया। जिसके बाद सोमवार रात सेक्टर-12 स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के दोनों छात्रों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मंगलवार दोपहर फेज-2 स्थित बाल सुधार गृह भेज दिया। इसके बाद दोनों के समर्थन में उनके स्कूल के छात्र-छात्राएं सामने आए और दोपहर बाद से देर शाम तक डीएम आवास पर धरना दिया। कार्रवाई के विरोध में जीआईसी के 100 से अधिक छात्र सेक्टर-27 स्थित डीएम कैंप ऑफिस पर दोनों छात्रों को माफ करने की मांग को लेकर बैठ गए। कैंप ऑफिस पर रोते बिलखते छात्र कान पकड़कर छात्रों को माफ करने की गुहार लगाते रहे।
धरना दे रहे छात्र-छात्राओं ने आरोप लगाया कि डीएम अंकल ने दोनों छात्रों का भविष्य खराब कर दिया। दोनों विज्ञान के छात्र थे दो दिन बाद प्रयोगात्मक परीक्षाएं हैं। इसके बाद बोर्ड की परीक्षाएं हैं। ऐसे में उनके साथियों के साथ पेशेवर अपराधी जैसा व्यवहार किया गया है। दोनों को चेतावनी देकर छोड़ना चाहिए था। अगर फिर से दोनों गलती करे तब उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इसके बाद सिटी मजिस्ट्रेट, क्षेत्राधिकारी प्रथम ने मौके पर पहुंचकर बहुत समझाया। अधिकारियों ने धरनारत छात्र-छात्राओं के अभिभावकों से बातचीत की। बाद में छात्र-छात्राएं घर चले गए। इसके बाद पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
आपको बता दे, सोमवार रात सेक्टर-12 स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के 2 छात्रों को पकड़ा गया था। छात्रों ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने मस्ती करने के लिए डीएम गौतमबुद्धनगर का अवकाश से संबंधित फर्जी मेसेज लिखकर ट्विटर पर वायरल कर दिया था। पुलिस का कहना है कि उन्होंने दिया गया प्रैक्टिकल का काम नहीं किया था, जिसके चलते 23 और 24 दिसंबर की छुट्टी का फर्जी आदेश वायरल कर दिया। जो आदेश एडिट करके वायरल किया गया वह पिछले हफ्ते का था, जब ठंड और संशोधित नागरिकता कानून के चलते स्कूलों को बंद किया गया था।डीएम की एक पुरानी पोस्ट को एडिट कर 2 दिन की छुट्टी का आदेश सोशल मीडिया पर वायरल करने के मामले में सेक्टर-20 थाना पुलिस ने पकड़े गए 12वीं के 2 छात्रों को मंगलवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया। जहां से उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया।