छात्र आंदोलन में दिल्ली पुलिस के जवान पर जानलेवा हमला, सहमे हुए परिवार ने लगाई न्याय की गुहार

नई दिल्ली। हाल ही में हुए छात्र आंदोलन के दौरान घायल हुए दिल्ली पुलिस के एक जवान की बेटी ने प्रदर्शनकारियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। बेटी का आरोप है कि हिंसक भीड़ ने उसके पिता पर जानलेवा हमला कर उन्हें पीट-पीटकर अधमरा कर दिया था, जिसके कारण वे घर पर बेसुध पड़े हैं। इस घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिसकर्मियों के परिवारों द्वारा आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बेटी ने बताया कि उसके पिता की तैनाती मुख्य प्रदर्शन स्थल पर अवरोधकों (बैरिकेड्स) के पास अग्रिम पंक्ति में की गई थी। हर रात घर लौटने पर वे बताते थे कि अब यह प्रदर्शन छात्रों का नहीं रह गया है, बल्कि इसमें कई असामाजिक तत्व शामिल हो चुके हैं।

जंतर-मंतर पर वर्दी खून से लथपथ हुई


पीड़ित परिवार ने पच्चीस जुलाई को हुई इस दर्दनाक घटना को याद करते हुए बताया कि दोपहर करीब दो बजे जंतर-मंतर पर मंच के पास एक बेकाबू और उपद्रवी भीड़ ने उनके पिता को घसीटा और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले के बाद वे लगभग चार घंटे तक अस्पताल में बेहोश रहे। उसी रात करीब दस बजे जब उनके साथी उन्हें घर लेकर आए, तो उनकी पूरी वर्दी खून से लथपथ थी। वह रात पूरे परिवार के लिए बेहद खौफनाक और कठिन थी। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद पिता ने शुरू में परिवार को सांत्वना देने की कोशिश की और कहा कि नौकरी में ऐसी छोटी-मोटी चोटें लगती रहती हैं, लेकिन घर आने के बाद उनकी हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

सोशल मीडिया के दावों पर उठाए सवाल

जवान की बेटी ने इस हिंसा को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर चल रही कहानियों पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई को तो बड़ा अपराध बताया जा रहा है, लेकिन ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हुए इन जानलेवा हमलों की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने न्याय की मांग करते हुए कहा कि जिन लोगों ने उनके पिता पर हमला किया, वे आज सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा रहे हैं। देश में पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों के पास भी समान अधिकार हैं और वे भी पूरी तरह से न्याय के हकदार हैं।