उत्तरप्रदेश के कुशीनगर जिले के विशुनपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार को एक दिल दहला देने वाली घटना देखी गई जिसमें एक महिला अपने चार बच्चों के साथ चटंगवा पुल से गंडक नहर में कूद गई। इस मामले में ग्रामीण महिला और दो बच्चों को बचाने में कामयाब हुए जबकि दो बच्चे अभी भी लापता हैं। एसओ अनिल कुमार उपाध्याय घटनास्थल पर पहुंचे। लोगों की मदद से सुनीता, सोनी, सलोनी को बचाकर बाहर निकाला। वहीं शिवानी और राकेश लापता हैं। महिला और दोनों बच्चों को पुलिस ने दुदही सीएचसी में भर्ती कराया, जहां उनका उनका इलाज चल रहा है। एसओ ने बताया कि महिला और उसके दोनों बच्चों का इलाज चल रहा है, जबकि लापता दोनों बच्चों की तलाश की जा रही है।
जानकारी के अनुसार बरवापट्टी थाना क्षेत्र के दशहवा गांव के धोबीघटवा टोला निवासी उमेश बैठा रोजगार के सिलसिले में बाहर है। घर में उनकी पत्नी सुनीता (35) चार बच्चे सोनी (6), शिवानी (4), सलोनी (2) और राकेश उर्फ खेसारी (एक) के साथ रहती है। कहा जा रहा है कि उसका कई दिनों से सास लाइची देवी से किसी बात को लेकर झगड़ा चल रहा है।सोमवार को सुनीता नाराज होकर चारों बच्चों को लेकर घर से निकल पड़ी। आरोप है कि जब सास उसे मनाने गई तो उसकी जमकर पिटाई कर भगा दिया। फिर बच्चों को लेकर लगभग दो बजे मुख्य पश्चिमी गंडक नहर के चटंगवा पुल पर पहुंची। वहां चारों बच्चों को एक-एक कर नहर में फेंक दिया और फिर खुद भी नहर में कूद गई। आसपास के लोगों ने यह मंजर देख शोर मचाया तो काफी भीड़ जुट गई। उन्हें बचाने के लिए कुछ लोग भी नहर में कूद गए।