महाराष्ट्र में भारी बारिश के चलते 2-3 जुलाई की रात को रत्नागिरी जिले में स्थित तिवारे डैम टूट गया था। इससे डैम के नीचे बसे 7 गांवों में बाढ़ आ गई थी। इसकी चपेट में आकर 23 लोग बह गए, जिसमें से 20 की लाश मिल चुकी है, जबकि 3 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। महाराष्ट्र के देवेंद्र फडणवीस सरकार में मंत्री इस डैम के टूटने और लोगों की मौत का जिम्मेदार केकड़ों को ठहरा रहे है। रत्नागिरी में तिवारे डैम टूटने के पीछे मंत्री तानाजी सावंत का कहना है कि इसके पीछे यहां पाए जाने वाले केकड़े हैं। शिवसेना विधायक तानाजी सावंत 16 जून को महाराष्ट्र मंत्रिमंडल में शामिल हुए हैं। मंत्री जी का कहना है कि इस डैम में बड़ी संख्या में केकड़े पाए जाते हैं, जिन्होंने डैम की दीवार में छेद कर दिया, इससे पानी का लीकेज हुआ और इसी के कारण बांध की दीवार टूट गई। तानाजी सावंत का कहा कि 'नहीं, नहीं ये ऐसा नहीं है, ये डैम 2004 में काम करने लगा था, इसमें पिछले 15 साल से पानी संग्रह किया जा रहा था, लेकिन तबतक कुछ नहीं हुआ, ऐसा नहीं है कि ये डैम कुछ समय तक खाली था, फिर इसमें पानी संग्रह किया गया और फिर इससे पानी रिसने लगा। इस डैम में केकड़ों की बड़ी समस्या है, इसी वजह से इस बांध में लीकेज हुआ...गांव वालों ने डैम से जुड़ी जो भी समस्या सिंचाई विभाग को बताई उसका तुरंत निदान किया गया, लेकिन जो कुछ भी हुआ है वो दुर्भाग्यपूर्ण है।'
बता दे, तानाजी सावंत शिवसेना के सांसद है और दिलचस्प तथ्य यह है कि पार्टी में उनके सहयोगी और स्थानीय विधायक सदानंद चव्हाण इस डैम के ठेकेदार हैं।
महाराष्ट्र में 30 जून से लेकर 3 जुलाई में भारी बारिश हुई थी। भारी बारिश की वजह से ऐसा लग रहा है कि मायानगरी में जिंदगी ठहर सी गई है। भारी बारिश की वजह से मुंबई में ही 30 लोगों की मौत हो गई थी। इसके अलावे पुणे में भी दीवार गिरने से 20 से 21 लोगों की मौत हो गई थी।