क्‍या बढ़ेगा लॉकडाउन? अपने लोगों को वापस बुलाने में जुटे राज्‍य

देशव्‍यापी लॉकडाउन 3 मई को खत्म होने वाला है लेकिन कई राज्‍यों ने दूसरे स्‍टेट्स में बसें भेज दी हैं। इन बसों में सवार होकर लोग अपने-अपने राज्‍य वापस लौटेंगे। कई हजार प्रवासी तो अपने-अपने राज्‍य पहुंच भी चुके हैं। उत्‍तर प्रदेश ने शनिवार से ही इसकी शुरुआत कर दी थी। मध्‍य प्रदेश ने महाराष्‍ट्र को पत्र लिखा है कि वहां के लोगों को वापस आने दें। महाराष्‍ट्र ने राजस्‍थान सरकार से अपने लोगों के लिए सेफ पैसेज मांगा है। छत्‍तीसढ़ ने भी कोटा में बसें भेजकर डेढ़ हजार छात्रों को बुलवा लिया है। जम्‍मू-कश्‍मीर ने भी अपने लोगों को अलग-अलग राज्‍यों से बुलाना शुरू कर दिया है।
यह हाल तब है कि कई राज्‍य लॉकडाउन को 3 मई के बाद भी जारी रखना चाहते हैं। क्‍या प्रवासी मजदूरों को इसलिए बुलाया जा रहा है ताकि उन्‍हें अपने ही राज्‍य में रखा जाए। इसी दौरान, लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोला जाए। यह भी संभव है कि प्रवासी मजदूरों का संकट दूर करने के बाद, सावधानीपूर्वक आर्थिक गतिविधियां शुरू हों मगर लॉकडाउन की मियाद बढ़ा दी जाए। क्‍योंकि अगर प्रवासी मजदूरों के बाहर रहते लॉकडाउन बढ़ा तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। कई राज्‍यों से पिछले एक महीने में ऐसी तस्‍वीरें आ चुकी हैं।लॉकडाउन को एक महीना पूरा हो जाने के बाद राज्‍य अपने लोगों को वापस लाने में तेजी दिखा रहे हैं। अबतक यही कहा जा रहा था कि लोग जहां हैं, वहीं रहें। इसके बाद जब कई राज्‍यों से खबरें आई हैं कि मजदूर पैदल ही निकल पड़े हैं। कई जगह भारी भीड़ जुट गई तो मजबूरन राज्‍यों ने शायद बसें भेजने का फैसला किया। रेलवे और हवाई यातायात तो बंद ही रहेगा, ऐसे में बस ही एकमात्र विकल्‍प बचता है। चूंकि कोरोना वायरस संक्रमण के मामले कम नहीं हो रहे हैं, कई राज्‍य चाहते हैं कि 3 मई के बाद भी लॉकडाउन जारी रखा जाए। इसलिए यह सारी कवायद उस दिशा में भी हो सकती है कि लोग अपने-अपने राज्‍य लौट आएंगे तो शायद लॉकडाउन का अंतिम दौर बेहद प्रभावी रहे।