ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस पर कसा तंज, कहा - पार्टी वह नहीं रही जो पहले थी

मध्य प्रदेश की राजनीति के ‘महाराज’ ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार को औपचारिक रूप से बीजेपी में शामिल हो गए है। इस अवसर पर सिंधिया ने मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा में शामिल होने की वजह बताई। 'महाराज' ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जड़ता का शिकार हो गई है। कांग्रेस वह पार्टी नहीं रही जो पहले थी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी में रहकर मैंने 18-19 वर्षों में पूरी श्रद्धा के साथ देश-प्रदेश की सेवा करने की कोशिश की है। लेकिन मन दुखी है कि जो स्थिति आज उत्पन्न हुई है, मैं कह सकता हूं कि जनसेवा के लक्ष्य की पूर्ति उस संगठन से नहीं हो पा रही है। इसके अतिरिक्त वर्तमान में जो स्थिति कांग्रेस पार्टी में है वह कांग्रेस पार्टी आज नहीं रही जो पहले थी। तीन मुख्य बिंदु हैं, एक तो वास्तविकता से इनकार करना और वास्तविकता से इनकार करके जो इबारत लिखी जाती है उसका समावेश ना करना। जड़ता का वातावारण है। नए नेतृत्व को सही मान्यता नहीं मिलती।'
बता दे, दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा की मौजूदगी में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पार्टी मुख्यालय में सदस्यता ली। इस मौके पर मध्य प्रदेश के भाजपा अध्यक्ष बीडी शर्मा भी मौजूद थे। सिंधिया ने कहा कि मेरे जीवन में दो तारीखें बहुत महत्वपूर्ण रही हैं। कुछ घटनाएं जीवन को बदल देती हैं। मेरे जीवन में 30 सितंबर 2001 और 10 मार्च 2020 हैं। 30 सितंबर 2001 को मैंने अपने पिता को खोया। यह जीवन बदलने का दिवस था। 10 मार्च 2020 को उनकी 75वीं वर्षगांठ थी। इस दिन मैंने एक नई परिकल्पना की और मैंने एक निर्णय लिया। हमारा लक्ष्य जनसेवा होना चाहिए और राजनीति केवल उस लक्ष्य की पूर्ति करने का एक माध्यम होना चाहिए। कांग्रेस में रहते हुए मैंने पूरी श्रद्धा के साथ प्रदेश एवं देश की सेवा करने की कोशिश की है।'उन्होंने कहा कि आज की स्थिति देखकर मेरा मन व्यथित और दुखी है। जन सेवा के लक्ष्य की पूर्ति उस संगठन के माध्यम से नहीं हो पा रही थी। कांग्रेस आज वह पार्टी नहीं रही जो पहले थी। कांग्रेस में जड़ता का वातावरण है। मध्य प्रदेश में किसानों का ऋण माफ नहीं हुआ। आज भी पिछली फसल का बोनस और मुआवजा नहीं मिल पाया। किसान त्रस्त और नौजवान बेबस है। प्रदेश में रोजगार के अवसर नहीं। मध्य प्रदेश में रोजगार के अवसर नहीं बल्कि भ्रष्टाचार के अवसर उपलब्ध हो गए हैं।'

बता दे, कांग्रेस में कभी राहुल गांधी के करीबी रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया ने होली के दिन कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था, उनके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के 22 विधायकों ने भी पार्टी छोड़ दी थी। भारतीय जनता पार्टी ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेज सकती है।