जिंदा है जैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर : पाकिस्तानी मीडिया

भारत के दुश्मन और मोस्ट वांटेड आतंकी जैश के सरगना मसूद अजहर (Masood Azhar) के कल मरने की खबरें सामने आ रही है। हालाकि इस बात का खंडन करते हुए पाकिस्तानी मीडिया नें कहा जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) का सरगना मसूद अजहर जीवित है। मीडिया ने इस बात की जानकारी अजहर के परिवार के करीबी सूत्रों के हवाले से कही गई। जियो उर्दू न्यूज ने बताया कि जिन मीडिया रिपोर्टों में जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के नेता के मारे जाने का दावा किया गया है, वे झूठे हैं। यह खबर सोशल मीडिया पर चल रही उन अटकलों के बीच आई है कि इस आतंकी संगठन के संस्थापक की मौत हो गई। हालांकि, अभी किसी तरह की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।

मसूद अजहर (Masood Azhar) के परिवार के करीबी अज्ञात सूत्रों का हवाला देते हुए चैनल ने कहा कि अजहर जिंदा है। उसके स्वास्थ्य के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई। अजहर के बारे में पाकिस्तानी सरकार ने कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। संघीय सूचना मंत्री फवाद चौधरी ने अजहर की मौत के दावों वाली मीडिया रिपोर्टों के बारे में पूछे जाने पर कहा, 'मुझे इस समय कुछ भी मालूम नहीं है।'

कौन है मसूद अजहर!

मसूद अजहर का जन्म पाकिस्तान के बहावलपुर में हुआ था। उसकी पढ़ाई कराची के जामिया उलूम उल इस्लामिया में हुई और वह हरकत-उल-अंसार से जुड़ गया, यहीं से उसने आतंकी गतिविधियां शुरू की। वह 1994 के करीब श्रीनगर आ गया। उसे उसी साल फरवरी में गिरफ्तार कर लिया गया और जेल में डाल दिया गया। आतंकियों ने मसूद अजहर को छुड़ाने की कोशिश शुरू की। 1995 में जम्मू-कश्मीर से कुछ विदेशी पर्यटकों को अगवा कर लिया गया। आतंकियों ने पर्यटकों को छोड़ने के बदल मसूद अजहर को जेल से रिहा करने की मांग शुरू की। लेकिन आतंकियों की चंगुल से एक विदेशी पर्यटक फरार हो गया। बाद में आतंकियों ने सभी पर्यटकों की हत्या कर दी।

1999 में भारत सरकार ने अजहर समेत तीन आतंकियों को छोड़ा था

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में बहावलपुर के रहने वाले अजहर ने 2000 में जैश-ए-मोहम्मद आतंकी संगठन बनाया था। वर्ष 1999 में तत्कालीन एनडीए सरकार ने इंडियन एयरलाइन्स के अपहृत विमान आईसी-814 को छुड़ाने के बदलने अजहर को छोड़ दिया था। 50 साल के अजहर पर 2001 के संसद हमले की साजिश रचने का, जम्मू कश्मीर विधानसभा पर आत्मघाती हमले और पठानकोट वायु सेना केंद्र तथा पुलवामा आतंकी हमले की साजिश रचने के भी आरोप हैं। इस बीच, नई दिल्ली में खुफिया एजेंसियां मसूद अजहर की पाकिस्तान में मौत के बारे में सोशल मीडिया पर चल रही खबरों के बारे में पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। भारतीय अधिकारियों ने कहा कि उन्हें इसके अलावा कोई जानकारी नहीं है कि अजहर का सेना के एक अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसके गुर्दे खराब हो चुके हैं।

भारत के दबाव में झुका पाक, ग्लोबल आतंकी घोषित करने का विरोध वापस ले सकता है

पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत के एक्शन से पाकिस्तान दुनिया में अलग-थलग पड़ गया है, ऐसे में वो आतंकी मसूद अजहर के साथ खड़ा नहीं दिखना चाहता। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान यूएन सुरक्षा परिषद में मसूद को ग्लोबल आतंकी घोषित करने के प्रस्ताव का विरोध नहीं करेगा। एक्सप्रेस ट्रिब्यून के अनुसार पाकिस्तान के बड़े सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि देश को फैसला लेना होगा कि व्यक्ति महत्वपूर्ण है या देश का व्यापक राष्ट्रीय हित अहम है।

अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने बुधवार को पाकिस्तान में रहने वाले अजहर को वैश्विक आतंकवादी घोषित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में नये सिरे से प्रस्ताव रखा था। ऐसा होने से अजहर के वैश्विक रूप से यात्रा करने पर पाबंदी लग जाएगी, उसकी संपत्तियां फ्रीज हो जाएंगी। इस बीच ये भी खबर है कि ब्रिटेन की पीएम थेरेसा मे ने पाकिस्तान के पीएम इमरान खान से बात कर आतंकी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा है।

पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 जवानों के शहीद होने के बाद वायु सेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में जैश के आतंकी शिविरों को निशाना बनाया था। सरकार ने आतंकी शिविरों को तबाह करने का दावा करते हुए बड़ी सफलता मिलने की बात कही थी। उधर, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने सीएनएन को दिए इंटरव्यू में कहा था कि जैश प्रमुख अजहर पाकिस्तान में है और उसकी सेहत बहुत खराब है। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत ठोस सबूत पेश करे तो पाक सरकार उसके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। कुरैशी ने कहा था, 'वह मेरी जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान में है। वह इतना बीमार है कि अपने घर से नहीं निकल सकता।'