विश्व स्वास्थ्य दिवस पर कुचामन में ‘नशा मुक्त’ अभियान का आगाज, डॉक्टरों ने लोगों से की ये खास अपील

कुचामन सिटी में विश्व स्वास्थ्य दिवस 2026 के मौके पर एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य क्षेत्र को नशे की समस्या से मुक्त करना है। राजकीय जिला चिकित्सालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान ‘नशा मुक्त कुचामन’ अभियान का शुभारंभ किया गया। इस अभियान को लंबे समय तक चलने वाली एक संगठित मुहिम के रूप में लागू किया जाएगा, ताकि समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाई जा सके।

etvbharat की खबर के अनुसार, इस अवसर पर प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. बलबीर सिंह ढाका ने युवाओं में तेजी से बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है। इसलिए इसे रोकने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस की थीम ‘Stand with Science’ रखी गई है, जिसके जरिए वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों से निपटने पर जोर दिया जा रहा है।

डॉ. ढाका ने बताया कि इस अभियान के तहत युवाओं को जागरूक करने के लिए स्कूलों और कॉलेजों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर बल देते हुए कहा कि नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद (7-8 घंटे) और संतुलित आहार को दैनिक जीवन में शामिल करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि हर व्यक्ति को साल में कम से कम एक बार रक्तदान जरूर करना चाहिए, जिससे जरूरतमंदों की मदद की जा सके और समाज में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी बढ़े।
कार्यक्रम में मौजूद मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. सुरेंद्र जिलोया ने भी नशे की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज के समय में खासतौर पर युवा ‘एमडी (MDMA)’ जैसे खतरनाक ड्रग्स की गिरफ्त में तेजी से आ रहे हैं, जो उनके भविष्य को बर्बाद कर सकता है। उनके अनुसार, नशा केवल एक बुरी आदत नहीं बल्कि मानसिक और सामाजिक समस्या है, जिसका समाधान वैज्ञानिक और मनोवैज्ञानिक तरीकों से ही संभव है।

डॉ. जिलोया ने आगे बताया कि ‘नशा मुक्त कुचामन’ अभियान के तहत न केवल जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाएंगे, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे युवाओं को काउंसलिंग और उचित इलाज भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि यदि परिवार, समाज और प्रशासन मिलकर काम करें, तो कुचामन को नशामुक्त बनाना संभव है।

हर वर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व स्वास्थ्य दिवस इस बार “साथ मिलकर स्वास्थ्य के लिए – विज्ञान के साथ खड़े हों” थीम के साथ मनाया जा रहा है। ऐसे में इस अवसर पर शुरू किया गया यह अभियान न केवल एक जागरूकता पहल है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित और स्वस्थ भविष्य देने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।