गुरुग्राम में प्राइवेट लैब संचालक कोरोना जांच में अपनी मनमानी कर रहे है। कोविड 19 टेस्ट करते समय संदिग्ध मरीजों का नंबर वेरिफाई नहीं करते, जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग मरीजों तक नहीं पहुंच पा रहा है। गुरुग्राम की 5 लैब को स्वास्थ्य विभाग ने कारण बताओ नोटिस भेजा है। इनपर आरोप है की इन्होने कोविड टेस्ट करते समय मरीजों का नंबर वैरिफाई नहीं किया था। इन लैबो में मेदांता जैसे बड़ी लैब भी शामिल है।
गुरुग्राम में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के कारण पहले भी 67 कोरोना संक्रमित मरीज लापता है, जिनका अभी तक कोई सुराग नहीं मिल पा रहा है। अब ऐसे में इन लैबों की लापवाही के कारण लगभग 200 ऐसे कोरोना संक्रमित मरीज है, जिनका मोबाइल नंबर गलत है। हालांकि इस मामले पर स्वास्थ्य विभाग कुछ भी कहने से बच रहा है, लेकिन खबर की माने तो इन मरीजों में अभी भी कुछ ऐसे मरीज है जिन्हें अभी तक ट्रेस नहीं किया गया है।
कोरोना संक्रमित मरीजों की बात करे तो हरियाणा में सबसे ज्यादा मामले गुरुग्राम से आ रहे है। इन बढ़ते मामलों को रोकने के लिए चीफ मेडिकल ऑफिसर को लाया गया है, लेकिन फिर भी हालात जस के तस बने हुए है। कुछ दिन पहले ही हरियाणा स्वास्थ्य विभाग की निर्देशक ने कहा था की आने वाले समय में जिले में कोरोना संक्रमित मरीजों का आकड़ा डेढ़ लाख के करीब पहुंच जायेगा। अब ऐसे में ये हालत रहे तो शायद डेढ़ लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित मरीज का आकड़ा पहुंच सकता है। जिले में कोरोना के कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 4 हजार 762 हो गई है। अब जिले में मरीजों के स्वस्थ होने का अनुपात बढ़ गया है। बुधवार को भी जिले में 133 मरीजों को स्वस्थ घोषित किया गया, जिसके बाद अब 60% 2 हजार 876 मरीज स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि 1 हजार 811 मरीज उपचाराधीन हैं।