मोदी सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को दिया झटका, EPF की ब्याज दर में की कटौती

मोदी सरकार ने नौकरीपेशा लोगों को बड़ा झटका दिया है. सरकार द्वारा ईपीएफ (EPF Interest) की ब्याज दरों में कटौती की गई है। वित्त वर्ष 2018-19 के लिए यह ब्याज दर 8.65 फीसदी थी जो अब घटकर 8.5 फीसदी हो गई है। केन्द्रीय श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कहा कि EPFO के शीर्ष निर्णय लेने वाले निकाय सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की गुरुवार को हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। इसका सीधा असर नौकरीपेशा लोगों की उस बचत पर होगा जो पैसा उनका ईपीएफ में जमा होता है और इसका असर ये होगा की अब वेतनभोगियों के पीएफ जमा पर कम ब्याज मिलेगा।

बता दे, इस कटौती की संभावना पहले ही जताई जा चुकी थी। एंप्लॉयीज प्रविडेंट फंड ऑर्गनाइजेशन (EPFO) के निवेश पर रिटर्न कम रहना इसके पीछे का प्रमुख कारण हो सकता है। वित्त वर्ष 2019 में ब्याज दर 8.65 प्रतिशत थी।
आपको बता दें कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के पास करीब छह करोड़ अंशधारक हैं। यह पहली बार नहीं है जब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने ईपीएफ की दरों में कटौती की हो इससे पहले 2017-18 में 8.55 फीसदी कर दी गई थी। इसके अलावा 2016-17 में EPFO ने अपने अंशधारकों को 8.65 फीसदी ब्याज दिया था। जबकि 2015-16 में 8.80 फीसदी की दर से ब्‍याज मिलता था। गुरुवार को ईपीएफ ने जो ब्याज दर घटाई है वह 2012-13 की दर पर आ गई है जब ब्याज दर 8.5 फीसदी थी।