अटल बिहारी वाजपेयी की हालत स्थिर, डॉक्टरों ने आईसीयू से सामान्य वार्ड में किया शिफ्ट

सोमवार को एम्स में भर्ती हुए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की हालत स्थिर है। जिसके चलते मंगलवार को उन्हें अस्पताल से छुट्टी नहीं दी गई। बता दें कि उन्हें यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी बीमारियों के कारण अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में सोमवार को भर्ती कराया गया था। कुछ मेडिकल टेस्ट के बाद डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू से सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। डॉक्टरों की मानें तो पूर्व पीएम प्रतिक्रियाएं कर रहे हैं। उन्हें फिलहाल इंजेक्शन के जरिए एंटीबॉयोटिक्स दवाओं की डोज दी जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि जो भी उपचार अभी उन्हें दिया जा रहा है, उसका असर मरीज में देखने को मिल रहा है। एम्स प्रबंधन की मानें तो अभी कम से कम एक दिन और पूर्व पीएम को एम्स में रखा जा सकता है।

एम्स ने पहले कहा था कि उन्हें इंजेक्शन के जरिए एंटीबायटिक्स दिए जा रहे हैं। संक्रमण के नियंत्रण में आने तक उन्हें अस्पताल में ही रखा जाएगा। सूत्रों ने बताया कि एम्स के निदेशक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया की निगरानी में चिकित्सकों की एक टीम उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रही है। सूत्र ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री का कल डायलिसिस हुआ था। वह अभी भी एम्स के कार्डियोथोरैकिक केन्द्र के आईसीयू में हैं।

मधुमेह से पीड़ित वाजपेयी की सिर्फ एक किडनी काम करती है। उन्हें 2009 में आघात आया था। बाद में उन्हें डिमेंशिया की शिकायत हो गयी। प्रथम तल पर मौजूद आईसीयू के पूरे गलियारे का घेराव कर दिया गया है और केवल मरीज के सहायकों और रिश्तेदारों को प्रमाण दिखाने के बाद ही वहां जाने की अनुमति दी जा रही है। पूर्व प्रधानमंत्रियों मनमोहन सिंह और एच . डी . देवेगौड़ा सहित अन्य नेता वाजपेयी का हालचाल जानने अस्पताल पहुंचे।

पूरे देश में होने लगीं दुआएं, एम्स के बाहर किया हवन

इनसब के बीच मंगलवार को पूर्व पीएम वाजपेयी के स्वास्थ्य को लेकर देश भर में दुआएं होने लगीं। एम्स के बाहर भी भाजपा युवा मोर्चा की ओर से हवन संपन्न कराया गया। मोर्चा के कोषाध्यक्ष पंकज जैन ने बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री की सलामती के लिए भगवान से प्रार्थना की है। इसके लिए एम्स के बाहर हवन भी किया गया।

दूसरे दिन पूर्व पीएम मनमोहन सिंह पहुंचे एम्स


अटल बिहारी वाजपेयी की हालत को जानने और परिजनों से मुलाकात करने के लिए मंगलवार शाम को पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह एम्स पहुंचे। इस दौरान उन्होंने डॉक्टरों से स्वास्थ्य को लेकर जानकारी ली। जबकि उनसे पहले देवगौड़ा और मुरली मनोहर जोशी ने भी परिजनों से मुलाकात की।

सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ ही बहुत से दूसरे नेता उन्हें देखने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। वाजपेयी लगभग 2009 से बिस्तर पर हैं। उन्हें चलने-फिरने और बोलने में काफी दिक्कत होती है। उन्हें निचले श्वसन तंत्र का संक्रमण और किडनी से संबंधित बीमारी है।